विवाह-शादी के मौसम में गेहूं की फसल का बकाया भुगतान न होने से किसानों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दो गेहूं क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के 15 दिन बाद भी भुगतान नहीं हो सका है।
परेशान किसानों को साहूकारों से अधिक ब्याज पर धन लेकर काम चलाना पड़ रहा है। किसानों ने आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
जिला प्रशासन की ओर से किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए साधन सहकारी समिति दुबारी और साधन सहकारी समिति गजियापुर में दो गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं।
15 दिन पूर्व अखिलेश सिंह ने 50 क्विंटल, रामबचन यादव ने 87 क्विंटल, रामायण यादव ने 91 क्विंटल तथा बाबू राम यादव ने 35 क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा, जिसकी कुल कीमत लगभग पांच लाख रुपये है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।
नियम के तहत गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक भुगतान न होने से किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
इस संबंध में अखिलेश सिंह, बाबू राम यादव, रामबचन यादव, रविंद्र प्रसाद और वीरेंद्र सिंह का कहना है कि फसल बेचने के बाद भी समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है और उन्हें कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
इस बाबत एडीओ कोऑपरेटिव सुनील सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया भुगतान के मामले में पीसीएफ प्रबंधक को पत्र भेजा गया है।