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आनलाइन टोकन न मिलने से धान नहीं बेचपा रहे किसान

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मऊ। जिले मेें हो रही धान खरीद में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसी तरह से खरीद शुरू हुई है तो किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है। वेबसाइट खुलने के मात्र चंद समय बाद ही टोकन खत्म हो जा रहा है। परेशान किसान टोकन लेने के लिए जनसेवा केंद्रों का चक्कर काटने को विवश हैं। कई क्रय केंद्रों पर धान का उठान न होने से खरीद ठप है। इससे किसानों के घर रखा धान खराब होने लगा है। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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जिले में किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। इसके लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, एफसीआई, मंडी समिति के 46 क्रय केंद्र खोले गए हैं। धान खरीद की समय सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है।वैसे-वैसे तकनीकी समस्या आने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। किसानों को आनलाइन टोकन नहीं मिल पा रहा है।सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे किसानों के समक्ष आ रही है। उनको ऑनलाइन की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में टोकन के लिए वे साइबर कैफे या जनसेवा केंद्रों पर निर्भर हैं। हाड़कंपाती ठंड और कोहरे में जनसेवा केंद्र पहुंच जा रहे हैं। सुबह 10 बजे जैसे ही साइट खुल रही है, वैसे ही टोकन खत्म हो जा रहा है और वे निराश होकर वापस चले आ रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन जानबूझ कर हम किसानों को परेशान कर रहा है कि मजबूर होकर हमे औने-पौने दाम पर धान को बिचौलियों को बेचना पड़े।इस संबंध में गोठा क्षेत्र के निवासी गरुणेंद्र राय, शिवशरण प्रसाद, मनोहर यादव का कहना था कि ऑनलाइन टोकन के लिए हम लोग परेशान हैं। दो दिन का टोकन मिला था। लेकिन जब बारी आई तो टोकन की समय सीमा खत्म हो गई। दुबारा टोकन नहीं मिल पाया। रोज जनसेवा केंद्र का चक्कर काटना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो अपनी फसल को औने पौने दाम पर बेचना पड़ेगा।
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रानीपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के धर्मसीपुर क्रय केंद्र तथा डीसीएफ खुरहट पर धान का उठान न होने से खरीद ठप चल रही है। खरीद न होने से किसानों के घर रखा धान खराब होने लगा है। परेशान किसान आंदोलन करने की रणनीति तय करने लगे हैं।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा ने बाताया कि आनलाइन टोकन में किसी तरह की समस्या नहीं आ रही है। टोकन न मिलने पर किसान आसपास के क्रय केंद्रों से आनलाइन टोकन लेने के लिए कोशिश करना चाहिए। धान खरीद में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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