कोपागंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक सराफा कारोबारी ने अपनी प्रेमिका की शादी कटवाने के लिए उससे दस लाख रुपये की लूट की कहानी गढ़ दी।
यही नहीं बाद में उसने अपनी प्रेमिका के भाई को फंसाने की भी कोशिश की। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो लूट की कहानी झूठी निकली। सराफ ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में खुद इसका खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार कोपागंज थाना क्षेत्र के पवन वर्मा पुत्र अशोक वर्मा की पहसा में सराफ की दूकान है। इसका एक गाजीपुर की रहने वाली युवती से प्रेम प्रसंग चलता है।
युवती के परिवारीजन उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे। मंगलवार को युवती को लेकर उसके परिवारीजन शीतला माता मंदिर पर आए थे और शादी के लिए किसी से रिश्ता तय कर रहे थे।
इसकी जानकारी जब युवक को हुई तो उसने शहर कोतवाली क्षेत्र के बलिया मोड़ के समीप आकर पुलिस को सूचना दी कि उसपर चाकू से हमला कर दस लाख रुपये के सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी बदमाश लूट ले गए।
दस लाख की लूट की खबर सुनते ही पुलिस के होश उड़ गए। मौके पर पहुंचे कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह ने पीड़ित को थाने लाया। मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो कहानी झूठी निकली। युवक एक मामूली सराफ की दूकान करता था। उसकी दूकान में एक लाख के भी जेवरात नहीं थे और न ही वह अपनी दूकान हमेशा खोलता था।
कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका के भाई को फंसाने एवं उसकी बहन से शादी करने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी।
उसे विश्वास था कि उसके भाई को लूट में फंसाने के बाद युवती से लड़के पक्ष वाले लूटेरे की बहन से शादी न करने की बात कह कर किनारा कस लेंगे।
इससे न सिर्फ उसका भाई जो उनकी राह में रोड़ा बना हुआ था हट जाएगा बल्कि उसकी प्रेमिका भी उसकी हो जाएगी। पुलिस ने रोपी को पवन को पुलिस को झूठी सूचना देने एवं उसका समय जाया करने के आरोप में गिरफ्तार कर चालान कर दिया।