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शिक्षकों, कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

Tue, 22 Nov 2016 11:22 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
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उप्र माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। 
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के शासनादेश में तमाम विसंगतियां हैं। शासनादेश में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा मानदेय के स्थान पर विशेष प्रोत्साहन मानदेय कर दिया गया। शासनादेश के पैरा पांच के अंत में यह जोड़ दिया गया कि भविष्य में इस प्रोत्साहन मानदेय का दृष्टांत नहीं माना जाएगा। 

वित्तीय वर्ष 2016-17 के बाद यह मानदेय स्वत: समाप्त माना जाएगा, जो शिक्षकों के साथ धोखा है। यदि सरकार शासनादेश में संशोधन कर प्रोत्साहन शब्द नहीं हटाता है तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी क्रम में संगठन के प्रदेश सचिव चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि शिक्षक शिक्षणेतर कर्मचारियों की सेवा नियमावली के बिना यह मानदेय बेरोजगारी भत्ता जैसा है। उप्र सरकार शिक्षकों को धोखा दे रही  है।
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शिक्षणेतर कर्मचारियों को शिक्षकों के साथ मानदेय न देकर वित्तविहीन विद्यालयों को तोड़ने की साजिश कर रही है। सरकार शिक्षकों के साथ शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी मानदेय दे। शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाएं। अगर 10  दिसंबर तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती है तो 12 दिसंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। 

धरने में रविंद्र सिंह, लक्ष्मण यादव, गामा यादव, राजकिशोर प्रसाद, सुरेंद्र चौहान, प्रमोद गोंड़, दिनेश सिंह, सुबाष यादव, शिवचंद  प्रजापति, श्रीराम यादव, राजकुमार, अशोक यादव आदि शामिल थे। संचालन रामदरश यादव ने किया।
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