जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को स्वामित्व योजना, राजस्व कार्यों, लंबित कोर्ट केस एवं अवमानना वाद, पीएम किसान सम्मान निधि योजना तथा आईजीआरएस के संबंध में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निराश्रित गोवंशों को रखने में लापरवाही पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा।
समीक्षा बैठक के डीएम को बताया गया कि जनपद में किसानों के सत्यापन के उपरांत फीडिंग का कार्य 51% पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में जनपद मऊ का प्रदेश में पांचवा स्थान है। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को फीडिंग कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए जिससे इस कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण किया जा सके।वहीं स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी तहसील वार लेते हुए जिलाधिकारी ने धीमी प्रगति के जिम्मेदार संबंधित लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं स्वामित्व योजना की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश समस्त उप जिला अधिकारियों को दिए।अति वृहद गौशालाओं हेत भूमि चिन्हांकन कार्य अभी तक ना हो पाने पर उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को इस कार्य को यथाशीघ्र संपन्न करने को कहा। इस दौरान प्रत्येक ब्लॉक में बन रहे अस्थाई गौशालाओं में निराश्रित गोवंशो को रखने में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबंधित क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क बना कर इस कार्य कोजल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जनपद के 10 बड़े बकायेदारों से वसूली की चर्चा के दौरान अपर जिला अधिकारी ने बताया कि इस सप्ताह जिले के 10 बड़े बकायेदारों से कुल 23 लाख 15 हजार रुपए की वसूली की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जितने भी लंबित प्रकरण हैं, उनमें यथाशीघ्र कार्रवाई करने तथा वसूली कार्यों में और तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए संबंधित अधिकारियों को दिए।इस दौरान एडीएम भानु प्रताप सिंह, उपनिदेशक कृषि एसपी श्रीवास्तव,प्रभारी सीएमओ डॉक्टर जी.सी. पाठक मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एम. प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।