जिला अस्पताल की ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास उमड़ी भीड़।संवाद
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मऊ। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी सहित दूसरी सुविधाओं को भी कंप्यूटरीकृत किया जाना था। लेकिन योजना के दो साल बाद भी यह क्रियान्वित नहीं हो सकी है। ऐसे में इसकी कवायाद अधर में है। उधर, जिला अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। सरकारी अस्पताल में सुविधाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से अस्पताल की सुविधाओं को आनलाइन किया जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी को भी कंप्यूटरीकृत करने के साथ यहां अलग-अलग काउंटर बनाने की योजना है। जिसमें मरीजों को कंप्यूटरीकृत पर्ची मिलती और उन्हें मैनुअल पर्ची से छुटकारा मिलता। इससे सबसे ज्यादा लाभ दूसरे जिलें तथा दूर दराज से आने वाले मरीजों को सहूलियत मिल मिलेगी। लेकिन दो वर्ष पूर्व इस योजना का प्रारूप बनने के बाद भी अब तक जिला अस्पताल को ई-हास्पिटल बनाने का प्रयास शुरू नहीं हो सका है। अस्पताल सूत्रों की माने तो ई-हास्पिटल के तहत पहले चरण में अस्पताल की ओपीडी को कम्प्यूटरीकृत और आनलाइन करने की योजना है। जिला अस्पताल में ओपीडी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का आफलाइन पंजीकरण चल रहा है। दूर दराज के मरीजों को पंजीकरण कराने के बाद परामर्श और फिर पैथालाजी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की जांच कराने मेें कई दिन लग जाते हैं। अब आनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से मरीजों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं आनलाइन उपलब्ध होंगी और भागदौड़ नहीं करना होगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। वहां से इस पर स्वीकृति मिलते ही ई-हास्पिटल योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।