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Mau News: लाखों रुपये लेने के बाद भी नगर पालिका ने नहीं बनाया नाला

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मऊ। मानसून शुरू होते ही निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला और सहादतपुरा मोहल्ले की गलियां पानी से भर सकती है। कारण इन दोनों मोहल्लों से जुड़ा मुख्य नाला का जाम होना। बालनिकेतन तिराहा रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनने के दौरान एक साल पहले यह नाला महिला अस्पताल के पास टूट गया है। इस नाले के जगह अब तक दूसरा नाला का निर्माण तक नहीं हो सका है।
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वहीं ब्रिज बनने के दौरान नाला टूटने पर इसे बनाने के लिए सेतू निगम ने नगर पालिका को 86 लाख रुपये एक साल पहले ही दे दिया है, बावजूद नाला तैयार न होने से 5 हजार घरों का गंदा पानी एक साल से डीसीएसके पीजी कॉलेज के पास एक तालाब में गिर रहा है। उधर अब उस तालाब का जलस्तर इतना बढ़ चुका है कि वह मुख्य सड़क तक पहुंच चुका है। इस बड़ी लापरवाही को लेकर नपा और सेतू निगम दोनों एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं एक साल से अधिक समय तक खींचतान के बाद ब्रिज न बनने तक सेतू निगम ही कच्चा नाला बनाने को लेकर कवायद शुरू किया है।
समाजसेवी देवकप्रकाश की जनहित याचिका के बाद जाम का सबब बन चुके नगर के बालनिकेतन रेलवे क्राॅसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की कवायद मार्च 2024 से शुरू की गई। करीब 100 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का कार्य 2027 तक चलेगा। निर्माण के दौरान महिला जिला अस्पताल और पीडब्ल्यूडी के डाकबंगला तक बने निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले और सहादतपुरा का मुख्य नाला टूट गया। सेतू विभाग की माने तो उसके द्वारा 1500 मीटर लंबे तीन खंडों में बनने वाले नाला को लेकर नगर पालिका को मई 2024 में 86 लाख का बजट जारी किया है।
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जिससे नाला निर्माण भी नगर पालिका कलेक्ट्रेट से लेकर गाजीपुर तिराहा तक किया जा रहा है। लेकिन महिला अस्पताल के पास टूटे नाले का एक साल बाद भी कोई विकल्प तैयार करने के बजाए नगर पालिका द्वारा डीसीएसके कॉलेज के पास बने एक पोखरी को इसके निस्तारण के रूप में प्रयोग किया जाने लगा है।
उधर यह पोखरी का जलस्तर 5 हजार से अधिक घरों के गंदे पानी से इतना बढ़ चुका है कि वह डीसीएसके -माधव होटल मोड़ के करीब पहुंच चुका है। उधर मानसून शुरू होने से पहले इस समस्या को लेकर अब नगर पालिका और सेतू निगम द्वारा इसके निदान के रूप में कच्चे नाला निर्माण बनाने को लेकर कवायद शुरू की गई है। ऐसे में मानसून शुरू होने पर यह कच्चा काम न केवल प्रभावित होगा बल्कि सेतू निगम और नगर पालिका के जिम्मेदारों की एक साल से बरती गई उदासीनता से निजामुद्दीनपुरा और सहादतपुरा मोहल्ले के कई गलियां गंदे पानी से ओवरफ्लो नजर आएंगी।
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