ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को डेडीकेटेड कोविड सेंटर के रूप में तब्दील कर दिया है। इन दोनों अस्पतालों में 10 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर भेज दिया गया है। लेकिन इसमें रतनपुरा सीएचसी में यह वार्ड शुरू होने के दस दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई मरीज अब तक भर्ती नहीं हुआ है।
अब भी संक्रमित मरीज मिलने के बाद लक्षण होने पर उन्हें एल-1 में रेफर किया जा रहा है। बिना लक्षण के मरीजों को होमआईसोलेशन में रखा जा रहा है। बताते चले कि जिले में बीते अप्रैल माह में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ता देख शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने जिले के दो सीएचसी रतनपुरा तथा दोहरीघाट को कोविड अस्पताल में अलग से वार्ड बनाकर कोविड मरीजों का उपचार का निर्णय लिया गया था। इसके तहत बीते 10 मई को दस कंसेनट्रेटर को दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज दिया गया है। जहां रतनपुरा सीएचसी में पांच कंसेनट्रेटर को एक वार्ड में इंट्राल करने के बाद उसे 17 मई से शुरू कर दिया गया है। इस वार्ड के लिए सीएचसी द्वारा एक मेडिकल टीम भी गठित की गई है, जिसमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट शामिल है। लेकिन शुरू होने के एक सप्ताह बीतने के बाद भी अब तक इस वार्ड में एक मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी का कहना है कि कोविड मरीजों के उपचार के लिए एक हाल को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। इस वार्ड में कोविड के पांच मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है। यहां ऐसे मरीजों को भर्ती किया जाना है, जिनका आक्सीजन लेबल 90 से 93 के बीच होगा। कहा कि शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुके है, लेकिन एक भी मरीज अभी नहीं आए है।