मऊ। जिला अस्पताल परिसर में संचालित आयुष विंग में बुधवार को भी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जबकि चार दिन पहले सीडीओ प्रशांत नागर ने खुद अस्पताल का निरीक्षण किया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान में लेकर उन्होंने निरीक्षण किया था।
सीएमएस द्वारा केवल भवन संचालन होने की बात कही, जबकि सीएमओ एक मीटिंंग में शामिल होने की बात कहकर इस मामले को देखवाने की बात कही।
जिला अस्पताल परिसर में संचालित आयुष विंग में यूनानी, आयुर्वेद और होमियोपैथी विधि के तीन चिकित्सकों द्वारा कई साल से उपचार तो किया जा रहा है। लेकिन यहां दवाइयां न मिलने पर चिकित्सक एलोपैथ की दवाइयों का सुझाव देते थे। इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने तीन अप्रैल को आयुर्वेद, यूनानी पद्धति से इलाज, दवाएं लिख रहे हैं ऐलोपैथ की... शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसको लेकर सीडीओ प्रशांत नागर ने जिला अस्पताल के साथ आयुष विंग का निरीक्षण किया था। इस दौरान सीडीओ को पांच डाॅक्टर गायब मिले थे, वहीं उन्होंने आयुष विंग में दवा की उपलब्धता न होने पर दवाइयां मुहैया कराने की बात कही थी।
अमर उजाला टीम जब बुधवार को आयुष विंग में पहुंची तो यहां होमियोपैथ, यूनानी और आयुर्वेद विधा के तीनों चिकित्सक मरीजों का उपचार करते तो मिले, लेकिन किसी मरीज को दवाइयां नहीं दी जा रही थी। होमियोपैथ के चिकित्सक डॉ. जी कुमार ने कहा कि दवाइयां नहीं हैं।
कहा कि वह आने वाले मरीजों को केवल परामर्श दे रहे हैं। सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि दवाई की उपलब्धता हमारी नहीं, बल्कि सीएमओ कार्यालय की जिम्मेदारी है। यह विंग केवल जिला अस्पताल में संचालित होती है। सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि इस मामले में वह जानकारी लेंगे। प्रभारी सीडीओ उमेशचंद्र तिवारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, सीएमओ से जानकारी लेंगे।