मऊ। फतेहपुर मंडाव ब्लाॅक क्षेत्र के लोकया स्थित कंपोजिट विद्यालय का भवन ध्वस्तीकरण के 13 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया। बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर हैं। नए विद्यालय भवन का निर्माण नहीं हो सका है।
शिक्षा विभाग की तरफ से गांव के बच्चों को तीन किमी दूर भटिया स्थित प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध कर दिया है। यहां पर्याप्त कक्ष न होने से बच्चों को पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रही है। बारिश होने पर पठन-पाठन बाधित हो जाता है।
परेशान अभिभावकाें ने विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिया, लेकिन प्रतिवर्ष आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
अधिकारी बजट का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। वर्ष 2012 में बने कंपोजिट विद्यालय लोकया में 206 बच्चे पढ़ते हैं।
यहां सात शिक्षक, दो शिक्षामित्र और एक अनुदशक की तैनाती है। विद्यालय के जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण 12 सितंबर 2012 को करा दिया गया। उसके बाद विभाग ने बच्चों को प्राथमिक विद्यालय भटिया में संबद्ध कर दिया।
विभाग की तरफ से आठ कक्षाओं के संचालन के लिए विद्यालय को मात्र चार ही कमरे मिले। इससे शिक्षकों को अन्य कक्षाएं बाहर पेड़ के नीचे संचालित करानी पड़ती हैं।
बारिश होने की स्थिति में चार कमरे में आठ कक्षाओं का संचालन होने से पठन पाठन में व्यवधान होता है। बारिश में अधिक दूरी के कारण बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं। विभाग की तरफ से प्रति वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है, लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण होना तो दूर प्रक्रिया तक शुरू नहीं की जा सकी है।
अधिकारियों की मानें तो विद्यालय के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। शासन को बजट का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि विद्यालय के भवन निर्माण के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही भवन निर्माण शुुरू हो जाएगा।