दोहरीघाट में खाकी बाबा कुटी पर दो फीट नीचे धंसा बोल्डर। संवाद
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर भले ही लगातार घट रहा है, लेकिन दोहरीघाट में इससे राहत के बजाय कटान का खतरा और बढ़ गया है।
रामजानकी घाट से खाकी बाबा की कुटी तक सुरक्षा के लिए लगाए गए करीब 50 मीटर बोल्डर शनिवार सुबह अचानक करीब दो फीट तक धंस गए। इससे तटवर्ती इलाकों और दोहरीघाट नगर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कटान के खतरे को देखते हुए गौरीशंकर घाट के बाद अब प्रभावित स्थानों पर भी लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। वर्ष 2020-21 में करोड़ों रुपये खर्च कर यहां कटानरोधी कार्य कराए गए थे, लेकिन लगातार बोल्डर धंसने और नदी में समाने से इन कार्यों की मजबूती पर भी सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले 24 अगस्त को खाकी बाबा की कुटी के पास सुरक्षा के लिए लगाए गए करीब 15 मीटर बोल्डर नदी में समा गए थे। इससे पहले आठ अगस्त को गौरीशंकर घाट पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई सीढ़ियों का कुछ हिस्सा कटकर नदी में बह गया था। उस समय नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे 69.70 मीटर था।
पानी 10 सेंटीमीटर घटा : गौरीशंकर घाट स्थित मीटर गेज के अनुसार शनिवार को सरयू का जलस्तर 69.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को यह 69.60 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटा है। वर्तमान में नदी खतरे के बिंदु 69.90 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
पहले नदी में समाए बोल्डरों की भरपाई के लिए सिंचाई विभाग की ओर से बोरियों में ईंट भरकर डाली जा रही थी। अब करीब 50 मीटर हिस्सा और धंसने से विभाग के सामने तट सुरक्षा की चुनौती और बढ़ गई है।