प्रदेश सरकार के खिलाफ राज्य कर्मचारियों का आक्रोश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अधिवेशन में दिखा। लंबित मांगों को पूरा नहीं करने पर राज्य कर्मचारियों ने वृहद आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया। कहा कि एकता के बल पर कर्मचारी अपनी मांगे सरकार से मनवाएंगे।
इसके साथ ही अधिकारियों और राजनेताओं पर भी आरोप लगाया कि वे कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाकर नियम के विपरीत कार्य करवाने को विवश करते हैं। इसके अलावा संगठन को मजबूती देने के लिए पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का अधिवेशन नगर स्थित पालिका कम्यूनिटी हाल में शनिवार को आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी रहे।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में अधिवेशन कराकर कर्मचारियों को एक बैनर के तले संगठित किया जा रहा है।
कहा कि मुख्य सचिव के तमाम आदेश के बावजूद प्रदेश तथा जिलास्तर के अधिकारी संगठनों से वार्ता नहीं कर रहे हैं। जिससे प्रदेश के विकास में लगे कर्मचारी समुदाय की छोटी-छोटी बातें लंबित हैं। कर्मचारियों की एकता के बल पर शीघ्र ही प्रदेश मेें वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इसी क्रम में प्रदेश के संगठन मंत्री डीएन सिंह ने उन अधिकारियों तथा राजनेताओं को सचेत किया जो अनावश्यक छोटे-छोटे कर्मचारियों का अपमान करके उनसे दबाव देकर गलत कार्य कराना चाहते हैं।
अंत में नवीन कार्यकारिणी के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने सभी कर्मचारी संगठनों को मान सम्मान की लड़ाई अच्छी पैरवी व्यवस्था लड़ने का आश्वासन दिया। अधिवेशन को सीताराम कुशवाहा, डा. पीके सिंह, रामचरन सिंह, रविंद्र श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। अधिवेशन मेें पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
सर्वसम्मति से रामाश्रय यादव को अध्यक्ष, राजेश कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पीएन सिंह को मंत्री, खालिद खां को संयोजक बनाया गया। इसके पूर्व अधिवेशन का शुभारंभ प्रांतीय अध्यक्ष डा. हरिकिशोर तिवारी व महामंत्री अतुल मिश्र ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।