नगर के बालनिकेतन स्थित राजकीय टीबी क्लीनिक में टीबी मरीजों की जाँच के लिए ईसीजी के लिए कर्मचारिय?
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मऊ। जिले के टीबी मरीजों को अब एक्सरे, ईजीसी की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। उन्हें यह सुविधा टीबी क्लीनिक पर मिल सकेगी। शासन ने जिला क्षय रोग केंद्र में डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाए जाने की अनुमति दे दी है। जबकि ईजीसी मशीन यहां भेजी भी जा चुकी है। इसे चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही मरीजों की जांच क्लीनिक में शुरू होगी।
वर्तमान में जिला क्षय रोग विभाग में डिजिटल एक्सरे, ईजीसी मशीन की सुविधा नहीं हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को बलगम और एक्सरे के लिए जिला अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे शुरू न होने से मरीजों को बाहर से महंगी जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। लेकिन अब मरीजों को परशान नहीं होना पड़ेगा। शासन की ओर से पहले चरण में टीबी क्लीनिक पर ईजीसी मशीन पहुंच चुकी है। इसके चीफ फार्मासिस्ट पीएन सिंह, लैब टेक्नीशियन अविनाश सिसौदिया ने प्रशिक्षण दिया। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही टीबी मरीजों की ईजीसी जांच शुरू हो जाएगी। जनवरी 2020 से 9 फरवरी तक 387 नए टीबी मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। वर्तमान में कुल 2698 मरीज हैं। जिनका इलाज टीबी क्लीनिक या निजी अस्पतालों के चिकित्सक कर रहे। नि:शुल्क दवा, प्रति माह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि के बाद अब डिजिटल एक्सरे और ईजीसी सुविधा मिल जाने से मरीजों का इलाज ओर बेहतर तरीके से हो सकेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि ईजीसी मशीन आ चुकी है, जिसके संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं जल्द ही डिजिटल एक्सरे मशीन भी आने की उम्मीद है।