कलेक्ट्रेट पर सोमवार को धरना प्रदर्शन करते शिक्षामित्र ।
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शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष रामकवल यादव ने कहा कि मांगों के समर्थन में लगभग 31 सांसदों की तरफ से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए सरकार को लिखित रुप से दिया है। लेकिन अभी तक विचार नहीं किया जा सका है। महंगाई के दौर में शिक्षामित्र अल्प मानदेय पर कार्य करते आ रहे हैं। अल्प मानदेय में जीवन यापन न होने के चलते प्रदेश में अब तक छह सौ शिक्षामित्रों ने मौत को गले लगा लिया है। प्रवीण राय ने कहा कि समय रहते सरकार मांगों पर पूर्ण विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में शिक्षामित्र लखनऊ में प्रदर्शन और आंदोलन को बाध्य होंगे।
जिला महामंत्री विद्यासागर ने कहा कि देश के 10 राज्यों की सरकारों ने शिक्षामित्रों की समस्याओं का अच्छे ढंग से निस्तारण किया है। शिक्षामित्रों को आज भूखों मरने के नौबत है।
पुन: अध्यापक पद पर बहाल करने, समान कार्य समान वेतन के आधार पर वेतन लागू तथा 62 वर्ष सेवा के लिए नियमावली बनाए जाने सहित पांच सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान जयंत राय, राजकुमार यादव, बलिराम सिंह, राजेश शुक्ल, हरिगोविंद, हरिकेश मौर्य, हरिंद्र यादव, रीना, सर्वेश रहे।