मुस्लिम बहुल इलाके मंगलवार की शाम ‘रोजा खोलो’ की आवाज से गूंज उठे। रोजेदारों ने पानी और खजूर से रोजा इफ्तार और खुदा की बारगाह में दुआ को हाथ उठाए। उधर, रमजान के पहले दिन इलाकों में खासी चहल पहल रही। दूसरे दिन भी इशा की नमाज के बाद ‘तरावीह’ की विशेष नमाज में लोगों ने शिरकत की।
मंगलवार को पहला रोजा होने के चलते मुस्लिम बहुल इलाकों में खासी चहल पहल रही। शाम को मगरिब की अजान होते ही लोगों ने खजूर और पानी से इफ्तार किया इसके बाद स्वादिष्ट व्यंजनों को लुत्फ उठाया। बाद में मगरिब की नमाज अदा कर मुल्क में अमन चैन की दुआएं मांगी गईं। इफ्तार के बाद बजार में चहल पहल बढ़ गई और चाय पान की दुकानों पर लोगों का मजमा लगा रहा। इस दौरान लोगों ने सहरी के लिए खरीदारी भी की। खास कर बड़ों के साथ ही बच्चे भी उत्साहित दिखे। महिलाओं ने घरों में इफ्तारी बना कर मस्जिदों में भी इफ्तार के लिए भेजा।
ईशा की नमाज के बाद लोगों ने दूसरे दिन भी विशेष तरावीह की नमाज अदा की। मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं।
ग्रामीण इलाकों मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी, वलीदपुर, मधुबन, पिपरीडीह में भी रमजान के पहले दिन लोगों ने उत्साह के बीच इफ्तार किया और विशेष तरावीह की नमाज अदा की।