परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी छात्र की मासिक औसत उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है या वह लगातार तीन दिनों तक विद्यालय से अनुपस्थित रहता है, तो उसके अभिभावक के मोबाइल पर एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।
जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरह अब बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में भी पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत औसत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
वार्षिक परीक्षा से पहले छात्रों की उपस्थिति की रिपोर्ट देना होगी और निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। शिक्षण सत्र 2026-27 में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हाल ही में अपर मुख्य सचिव (बेसिक) ने विभागीय समीक्षा बैठक में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को कम करना और छात्रों की उपस्थिति में सुधार लाना है। इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर ने बताया कि अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू होने से छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखना आसान होगा। अभिभावकों को समय पर सूचना मिलने से वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित होंगे।