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जिला अस्पताल में शुरू होगी ई हास्टिपल की होगी सुविधा

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मऊ। जल्द ही जिला अस्पताल में ई-हॉस्पिटल योजना शुरू हो सकती है। इस योजना के शुरू होने से मरीज घर बैठे ही अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, सर्जिकल सामान और चिकित्सकों की उपलब्धता आदि के बारे में जान सकेंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार योजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
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बताते चलें कि 100 बेड वाले जिला अस्पताल अस्पताल में प्रतिदिन करीब 500 से 600 तक मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 150 मरीज इमरजेंसी वाले होते हैं और 200, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे तथा सीटी स्कैन आदि कराने वाले होते हैं। विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों का अलग-अलग कक्षों में उपचार होता है। जिला अस्पताल में फिलहाल मरीजों का हस्तचालित विधि से ही पर्चा बनाया जाता है, लेकिन अब जल्द ही जिले के मरीजों को जिला अस्पताल में ई-हॉस्पिटल की सुविधा मिलेगी। ई-हॉस्पिटल योजना शुरू होने से मरीज या उसके परिजन बिना अस्पताल पहुंचे घर बैठे ही एक क्लिक पर डाक्टरों की उपस्थिति से लेकर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देख सकेंगे। यहीं नहीं इसके अलावा चिकित्सकों से ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट भी ले सकेगा। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बहुत जल्द ही जनपदवासियों को ये सेवा मिलेगी। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि इस सुविधा से अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। बेहतर इलाज की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
तीन चरण में होगा कार्य
मऊ। अस्पताल सूत्रों के माने तो ई-हॉस्पिटल की सुविधा तीन चरणों में किया जाएगा। जिसमें पहले चरण में जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीज का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। मरीज का नाम, पता, बिलिंग टाइप (बीपीएल, एपीएल), मोबाइल नंबर, बीमारी चिकित्सक रूम आदि का ब्योरा दर्ज करने के बाद मरीज को एक यूनिक आईडी नंबर के साथ पर्चा दिया जाएगा। इसके बाद मरीज चिकित्सक को पर्चा दिखाएगा। जबकि दूसरे चरण में मरीज को ओपीडी में रजिस्ट्रेशन के बाद चिकित्सक के पास भेजा जाएगा। वहां पर चिकित्सक ऑनलाइन ही उसकी दवा लिखेगा। इसके बाद मरीज दवा काउंटर पर आकर अपना आईडी नंबर बताएगा। नंबर डालते ही चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाई स्क्रीन पर दिखने लगेगी। इसके आधार पर दवाएं मरीज को उपलब्ध करा दी जाएंगी। स्टोर से यह कनेक्ट रहेगा। ऐसे में स्टोर की दवा की कमी होने पर आसानी से पूर्ति की जा सकेगी। भर्ती मरीज का जो भी इलाज दवा, इंजेक्शन आदि इलाज होगा। यह तत्काल ऑनलाइन होता जाएगा। जबकि तीसरे चरण में दूसरे अस्पतालों को भी ई-हॉस्पिटल को इससे जोड़ा जाएगा। ऐसे में यहां भर्ती मरीज देश के किसी भी हॉस्पिटल में यहां कराए गए इलाज के आधार पर अपनी जांच और आगे का इलाज करा सकेगा।
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