आदर्श गांव योजना के ताौर पप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर के तहत
सांसद हरिनारायण राजभर ने एक महीने पहले परदहां ब्लाक के डुमरांव गांव को
गोद लिया ।
लेकिन एक महीने बाद भी यहां की हालत नहीं बदली। समस्याओं का अंबार है।
खड़ंजा जर्जर है, सड़क पर गंदा पानी सांसद की लापरवाही को बयान कर रहा है।
बीते
12 नवंबर को घोसी लोगसभा के सांसद हरिनारायण राजभर ने कवि पंडित श्याम
नारायण पांडेय के गांव डुमरांव को गोद लेने की घोषणा की थी। बाल दिवस 14
नवंबर को गांव में समारोह का सांसद का स्वागत भी किया गया।
वह गांव घूमे और
समस्या से अवगत भी हुए। लेकिन उसके बाद गांव की कोई सुधि नहीं ली। लोग
विकास की बाट जोहते हुए विकास कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा में हैं। लेकिन
स्वागत समारोह के बाद आज तक सांसद ने गांव का कोई हालचाल नहीं लिया।
गांव
की बात करें तो यहां की आबादी करीब 4 हजार है। लेकिन पूरे गांव में सिर्फ
तीन सार्वजनिक इंडिया मार्का हैंडपंप है। वहीं गांव में नाली के गंदे पानी
के निकासी की भी कोई व्यवस्था नही है। खडंजे बदहाल हैं।
पूरे गांव में कहीं
भी इंटरलाकिंग नही है। बिजली के पोल न होने से किसी तरह जोड़ जुगाड़ से
लोग बिजली के तार अपने घरों तक ले गए हैं। गांव में विधवा और वृद्धा पेशन
के लिए लोगों को तहसील का चक्कर काटना पड़ रहा है।
बावजूद इसके पेंशन नही
मिल रही। सांसद के इस गैर जिम्मेदाराना रवैए से लोग गांव के विकास के लिए
निराश हो चुके हैं।