दुबारी (मऊ)। राजधानी से जनपद आए नोडल अफसर मुकेश मेश्राम ने सोमवार को फतेहपुर मंडाव ब्लाक के कुछ गांवों का दौरा करके गांवों में कराए गए विकास कार्यों की हकीकत जानी। एक गांव में नाली निर्माण में पांच लाख का भुगतान होना पाया। लेकिन मौके पर नाली निर्माण में महज लगभग एक लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाकर कहा कि एक लाख की नाली बनवाए हो, शेष चार लाख रुपये ग्राम निधि खाते में वापस जमा करो। ऐसा सुनते ही प्रधान और सेक्रेटरी के हाथ पांव फूल गए।
मुकेश मेश्राम सोमवार को गन्ना तौल केंद्र, धान केंद्रों तथा गांवों में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से तथा ग्रामीणों से समस्या के बारे पूछा। नोडल अधिकारी दोपहर 12 बजे दुबारी पहुंचे तो जनता प्राथमिक विद्यालय नंबर एक पर इंतजार कर रही थी। लेकिन वे पहले दुबारी गन्ना तौल सेंटर पर अचानक पहुंच गये। कांटा को चेक किया कुछ भी कमी नहीं मिली। उसके बाद सीधे धान क्रय केंद्र गजियापुर पहुंचे।
उन्होंने वहां रजिस्टर चेक किए और रजिस्टर पर किसानों का मोबाइल नंबर देख कर किसानों से बात किया और उनकी समस्याएं पूछा। नोडल अफसर ने धान क्रय केंद्र की गोदाम भर जाने की बात सुनकर नराजगी जताते हुए कहा कि हर हाल में 14 दिनों में गोदाम खाली करो और मिलर नहीं सुनता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कम से कम दस किसानों का धान खरीना है यदि ऐसा नहीं हुआ केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। नोडल अफसर इसके बाद ग्राम पंचायत रमऊपुर पहुंचे। वहां नाली का निर्माण पांच लाख की लगात ये कराया गया था। उसका भुगतान भी पांच लाख रुपये हो गया था। लेकिन मौके पर जांच कराने पर नाली निर्माण अधूरी मिली।
नोडल अफसर ने कहा कि एक लाख की लागत से नाली बनी है, शेष चार लाख रुपये खाते फिर वापस जमा करो। प्राथमिक विद्यालय रमऊपुर में बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिलाओं से पुष्टाहार के बारे पूछताछ किया और छोटे बच्चों से भी राशन और पुष्टाहार के बारे में जानकारी ली।