उप्र अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक रविवार को डा. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए डा. रामविलास भारती ने कहा कि प्रदेश में कुल 20807 अधिकारी व कर्मचारी व शिक्षकों की पदावनति कर दी गई है। अब कोई भी पदावनति अवशेष नहीं है। बेसिक शिक्षा से 132कर पदावनति कर दी गई।
जिसके कारण शपथ पत्र के आधार पर अवमानना समाप्त कर दिया गया है। शपथ पत्र प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल करने के बाद भी उच्चतम न्यायालय की अवहेलना व मुख्य सचिव के शपथ पत्र के विरुद्ध है।
परिषदीय शिक्षकों की पदावनति करना विभागीय अधिकारियों का मनमाना रवैया है।शासन द्वारा नियमों की धज्जी उड़ाते हुए जानबूझकर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्रताड़ित किया जा रहा है।
इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तपेसर राम ने कहा कि छुट्टियां चल रही है इसी समय पदावनति की कार्यवाही षणयंत्र है। इस दौरान राजकुमार, गोपाल, प्रकाश, कल्पनाथ, कन्हैया लाल, जगदीश गौतम, अशोक कुमार, ओमप्रकाश, अरुणोदय आदि शामिल थे।