नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित नाले पर मौजूद गुमटी।संवाद
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मऊ। शहर की मुख्य सड़कों, चौराहों- तिराहों के निकट की हाईवे अथवा मुख्य मार्गों के पटरियों की बैखौफ बिक्री की जा रही है। जमीन मनमाने दरों बेंचकर माफिया मालामाल हो रहे हैं। इतना ही नहीं सड़क किनारे की गुमटी छोटे दुकानदारों को देकर उनसे छह से लेकर आठ हजार रुपये प्रति माह भाड़ा वसूल रहे हैं। यह धंधा चल रहा शहर के सहादतपुरा में आजमगढ़ मोड़ से लेकर गाजीपुरा तिराहे तक। यहां जमीन नगरपालिका की और किराया वसूल रहे हैं माफिया। इसे लेकर छोटे दुकानदारों में रोष हैं लेकिन वे डर के मारे खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। शहर में सबसे तेजी से विकास सहादतपुरा मुहल्ला में मुख्य मार्ग पर हो रहा है। इस मार्ग पर कई मॉल खुल गए हैं। सड़क के चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर व्यवसायिक गतिविधियों में काफी तेजी आई है। इस मार्ग पर एक तरफ हाईडिल कालोनी और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र की काफी भूमि है। इसके सामने सड़क की पटरी या यूं कहें कि नाले की पटिया पर गुमटियों की भरमार है। रात के अंधेरे में ट्रालियों पर लादकर जेसीबी की मदद से लोहे की गुमटियां रख दी जाती हैं। इसके बाद इन गुमटियों की बिक्री एक लाख से लेकर दो लाख में की जाती है। एकमुश्त रकम न दे पाने वालों को मासिक किराये पर गुमटियां दी जाती हैं। इन गुमटियों में फल, दुग्ध उत्पाद, जनरल सामान, रेडीमेड कपड़े, मच्छरदानी, चाय पकौड़े, इलेक्ट्रिकल सहित कई तरह की दुकानें हैं। इस बाबत अधिवक्ता अमरेश सिंह कहते हैं कि सड़क की पटरी नगरपालिका की और किराया माफिया वसूल रहे हैं। इसी सड़क के किनारे गुमटी में दुकान चलाने वाले दिग्वजय ने बताया कि उससे प्रति माह छह हजार रुपये किराया के नाम पर दबंगई से वसूले जाते हैं। विवशता जाहिर करने पर गुमटी से खाली कराने की धौंस दी जाती है।