मऊ। बढ़ती गर्मी के साथ यात्रियों को लू बचाने को लेकर परिवहन निगम ने तैयारी तेज कर दी है। मऊ और दोहरीघाट बस स्टैंड पर लू से बचाव के लिए सहायता बूथ स्थापित करने सहित अन्य तैयारियों की कार्ययोजना तैयार करने के लिए परिवहन निगम के अपर प्रबंध निदेशक राम सिंह वर्मा ने पत्र भेजा है। गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ यात्रियों की सेहत का ख्याल रखते हुए, रोडवेज बस स्टैंड पर सहायता बूथ बनाये जाएंगे, जिसमें एक डॉक्टर की तैनाती होगी।
तेज धूप के कारण किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल उपचार मिलेगा। सहायता बूथ पर जरूरी दवाओं के साथ ओआरएस भी निशुल्क मिलेगा। साथ ही बस स्टैंड पर लगे सभी कूलर और पंखों को ठीक कराने को कहा गया है, ये सभी व्यवस्थाएं अप्रैल के पहले सप्ताह तक करना है।
मुख्यालय से 18 मार्च को भेजे गए पत्र के अनुसार जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करके डॉक्टर की तैनाती करानी है। ठंडा पानी, साफ सफाई, शौचालय आदि की सफाई, चूने का छिड़काव कराते रहने को कहा गया है, जिससे संक्रमण न फैले। इस साल गर्मी में तापमान बढ़ने का अनुमान है।
मार्च में ही तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच रहा है। पिछले साल मार्च की तुलना में इस साल तापमान चार डिग्री अधिक है। 21 मार्च 2024 में अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस था, जबकि 21 मार्च 2025 को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।
1 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 39 डिग्री था, जबकि इस साल 27 मार्च को ही 38 डिग्री तापमान का अनुमान है। बीते साल अप्रैल से मई तक 43 से 44 डिग्री के बीच तापमान रहा। लेकिन इस साल तापमान 45 से 46 तक पहुंच सकता है। गर्मी शुरू होने पर रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम हो जाती है, इस साल ये संख्या कम न हो इसके लिए कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बस चलाने के दौरान चालक परिचालक भी गस्त खाकर गिर जाते हैं।
शायद इस साल गर्मी में खुले एसी वेटिंग हॉल का ताला
मऊ। नगर केबीच तीन साल पहले बस स्टैंड में यात्रियों के लिए एसी वेटिंग हॉल बनकर बना है, लेकिन शायद ही कभी ताला खुला होगा। लू चलने पर गर्म हवा में यात्री बरामदे में घंटों बैठकर बस का इंतजार करते हैं। लू से बचाव के लिए इस बार बेहतर इंतजाम करने को कहा गया है, शायद वेटिंग हॉल का ताला भी खुले। वहीं डिपो के अधिकारी बताते हैं कि एसी वेटिंग हॉल एसी बस में सफर करके पहुंचे यात्रियों के लिए बनाया गया है। उनके कहने पर ताला खोला जाता है।
गर्मी में तेज धूप से बचाव के लिए इंतजाम करने का निर्देश मिला है। सहायता बूथ की स्थापना करके डॉक्टर की तैनाती करनी है, साथ ही प्राथमिक उपचार की सभी दवाएं भी रखनी है। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ