चिकित्सकों की सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में शुक्रवार को निजी क्लीनिक, अस्पतालों पर ताला लटका रहा।
जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए मांगों के लिए आवाज उठाई। साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। हड़ताल का समर्थन इंडियन डेंटल एसोसिएशन व नर्सिंग होम एसोसिएशन ने भी करते हुए मजबूती देने की कोशिश की।
इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डा. जेड आई उस्मानी ने कहा कि उप्र में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी रूप से लागू किया जाना समय की मांग है। विभिन्न प्रकार के लाइसेंस मुख्य चिकित्साधिकारी के अंतर्गत पंजीकरण और पीवीपीएनडीटी एक्ट के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है।
इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डा. रोहित गुप्ता पर हमला करने वाले अपराधी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। क्योंकि उपयुक्त धारा जैसे कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट व आईपीसी-325 के अंतर्गत मामला दर्ज नहीं किया गया था।
शीघ्र इस केस को दुबारा परिशोधित करके अपराधियों को सजा दी जाए। गाजीपुर में डा. राजेश सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह पर की गई एफआईआर तुरंत हटाई जाए। डा. राजेश का शोषण तुरंत बंद करने के साथ ही निष्पक्ष जांच की जाए।
इसी क्रम में संगठन के सेक्रेटरी डा. सुजीत सिंह ने कहा कि डा. आरती लाल चंदानी कानपुर का निलंबन रोका जाए। पिछले साल मेडिकल छात्रों पर भयानक हमला हुआ और अपराधियों को सजा नहीं मिली।
ऐसे में ज्यादातर चिकित्सकों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है। प्रदेश में आए दिन चिकित्सकों के साथ घटनाएं हो रही हैं। सरकार की ओर से 20 दिनों के अंदर मामले का निस्तारण नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे।
अंत में जिलाधिकारी को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में आईएमए के पदाधिकारी, सदस्य सहित निजी चिकित्सक शामिल थे।