मऊ। विश्व कैंसर दिवस चार फरवरी को कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस, 2008 में लिखे गए विश्व कैंसर घोषणा के लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (यूआईसीसी) के नेतृत्व में कार्यरत है। सीएमओ डॉ. नंद कुमार बताते है कि कैंसर, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कैंसर विश्वभर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। शरीर के किसी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि और इसका अनियंत्रित रूप कैंसर का कारक हो सकती है। आनुवांशिकता, पर्यावरणीय, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, रसायनों के अधिक संपर्क के कारण कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। महिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जबकि पुरुषों में मुंह और फेफड़े तथा प्रोस्टेट कैंसर का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है। कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में विकसित हो रहा है। मुख्य रूप से कैंसर के कारण थकान, वजन कम होने की समस्या, त्वचा में परिवर्तन जैसे त्वचा का पीला या काला पड़ना, निगलने में कठिनाई, रक्तस्राव की समस्या कैंसर का संकेत हो सकती है। अगर आपके शरीर में कहीं भी असामान्य तरीके से गांठ महसूस हो रही है तो इसकी समय रहते जांच जरूर कराएं। कैंसर, कोशिकाओं के भीतर डीएनए में उत्परिवर्तन के कारण होता है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें जैसे धूम्रपान-शराब का सेवन, सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना, मोटापा और असुरक्षित यौन संबंध कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। आनुवांशिकी भी कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर रह चुका है, उनमें कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है।
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 9 से 14 साल की लड़कियों को मुफ्त वैक्सीन
एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि सरकार ने अपने अंतरित बजट में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए जल्द ही योजना शुरू करने जा रही है, इसके तहत 9-14 साल की लड़कियों को मुफ्त वैक्सीन लगाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत किया जाएगा। सरकारी व्यवस्था के तहत 9 से 14 साल की लड़कियों को यह वैक्सीन बिल्कुल मुफ्त में लगाई जाएगी। सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन का फायदा तभी मिलता है, जब कोई महिला सेक्सुअली एक्टिव ना हुई हो, इसलिए इस उमर को सही माना जाता है। वहीं इसी के साथ ही 9 से 14 साल की उम्र में यह वैक्सीन लगाने पर एक साल में इस वैक्सीन की दो डोज दी जाती है।