मऊ। 14 अप्रैल से अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआत हो गई जो 20 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान अग्निशमन अधिकारी जिले के व्यावसायिक और सरकारी भवनों में पहुंचकर आग से बचाव के इंतजाम देख रहे हैं, साथ ही गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। दूसरे दिन मंगलवार को चार भवनों को नोटिस दिया गया। इनमें महिला जिला अस्पताल भी शामिल है, जिसे 2019 से लगातार सातवीं बार नोटिस जारी किया गया है।
जिला महिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम तो किए गए हैं। लेकिन पाइपों से रिसाव होता है, न तो होज पाइप लगाई गई है और न ही नोजल है। स्प्रिंकल (आग लगने पर ऑटोमेटिक पानी का फव्वारा) नहीं लगने से एनओसी नहीं मिल रही है। नगर सहित जिले में दो दर्जन से अधिक व्यावसायिक भवन बनाए गए हैं। जिसमें कुछ को छोड़कर किसी में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं है।
जिला महिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम तो किए गए हैं। वर्ष 2019 से लगातार हर साल जिला महिला अस्पताल को नोटिस देकर सुधार करने को कहा जा रहा है। 10 दिन पहले नगर के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल को आपात सीढ़ी निर्माण के लिए नोटिस जारी किया गया है।
घोसी तहसील मुख्यालय के याहिया मार्केट स्थित एलआईसी बिल्डिंग में अग्निशमन यंत्र लगवाने के मामले में विभाग खानापूर्ति कर रहा है। नगर सहित जिले के विभिन्न बाजारों के अधिकांश प्रतिष्ठानों और कई कॉमर्शियल कॉम्पलेक्सों में न तो फायर अलार्म हैं और न ही अग्निशमन यंत्र ही लगाए गए हैं।
नगर के बीचोबीच स्थित सबसे बड़े मार्केट अली बिल्डिंग में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं है। जबकि यहां दोनों तल पर सैकड़ों दुकानें हैं। रोजाना हजारों लोगों की भीड़ लगती है। यदि यहां हादसा हुआ तो प्रशासन की पतली गलियों में राहत बचाव करना मुश्किल होगा। इसी तरह जिले में ताजोपुर, गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान, घोसी में लगभग 281 यूनिटें हैं।
इसके अलावा नगर के सहादतपुरा, भीटी, गाजीपुर तिराहा, चौक, मिर्जाहादीपुरा, गोला बाजार, रौजा सहित घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, मधुबन, दोहरीघाट, चिरैयाकोट सहित विभिन्न बाजारों में चल रहे अधिकांश प्रतिष्ठानों तथा कॉमर्शियल कॉम्पलेक्सों का भी यही हाल है। वहां भी आग से बचाव की सुविधा नहीं है।
अग्निशमन सेवा सप्ताह में गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही प्राइवेट और सरकारी भवनों का निरीक्षण करके एनओसी के लिए नोटिस दी गई है। जिला महिला अस्पताल को लगातार सात साल से नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन अब तक वहां स्प्रिंकल नहीं लगा है। - के वर्मा, सीएफओ, मऊ