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यह है प्रशासनिक स्तर पर गोद लिए गांव का हाल

Thu, 14 May 2015 11:38 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
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प्रशासनिक स्तर पर गोद लिए गए गांव घोसी ब्लाक के खत्रीपार गांव का गुरुवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा सेवाओं की स्थिति काफी बदहाल मिली।
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 गर्भवती महिलाओं में दवा वितरण से लेकर स्कूलों में पठन पाठन तक हर जगह लापरवाही मिली। डीएम ने दवा वितरण में कमी को लेकर एएनएम को जहां कड़ी फटकार लगाई,


वहीं गांव में शौचालय न मिलने पर जिला पंचायतराज अधिकारी को भी चेतावनी दी। वहीं, प्राथमिक  व उ. प्रा. विद्यालय के अधिकांश बच्चे अपनी किताब तक नहीं पढ़ पाए। लारपुर प्राथमिक विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता दयनीय पाने पर दो शिक्षकों को निलंबित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया।
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सर्वशिक्षा अभियान पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के बाद भी बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल रही। यह हाल उस गांव क्षेत्र का है जिसे प्रशासनिक स्तर पर विकसित करने के लिए गोद लिया गया है।

 गुरुवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण में खत्रीपार गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से किताब पढ़वाया। लेकिन अधिकांश बच्चे अपनी किताब पढ़ने में नाकाम रहे।

प्राथमिक विद्यालय में 200 के सापेक्ष 129 बच्चे, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 138 के सापेक्ष 65 बच्चे ही उपस्थित मिले। इस पर प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। इसी क्रम में इसी ब्लाक के लोहिया गांव लारपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।


यहां भी शैक्षणिक गुणवत्ता दयनीय मिली। विद्यालय मेें अध्ययनरत बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। डीएम ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को कुर्सी पर ही सोता हुआ पाया। डीएम ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका सहित एक शिक्षक को निलंबित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया।

 जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ कुपोषित गांव के रूप  गोद लिए गए खत्रीपार गांव जाकर कुपोषित बच्चों का जायजा लिया। अतिकुपोषित छह बच्चों को मंडलीय अस्पताल आजमगढ़ भेजने का निर्देश दिया। अतिकुपोषित बच्चों के माता पिता को बताया कि आजमगढ़ अस्पताल मेें रहने पर 100 रुपये प्रतिदिन भोजन मिलेगा।

कार्यकत्री सुशीला चौहान के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।  इसके बाद डीएम ने मिड-डे-मील का हाल जाना। दाल में हरी सब्जी नहीं मिली। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।

 इस बीच जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान कालिका चौहान से शौचालय की स्थिति जानी। बताया कि 300 की मांग किया था एक भी नहीं मिला।

जिलाधिकारी ने सभी शौचालयों को स्वीकृत करने के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिया। इस अवसर पर सीडीओ  गिरिजेश त्यागी, सीएमओ डा. नंदलाल यादव, एसडीएम साहब लाल, अपर जिलाधिकारी समीर वर्मा, सीएचसी अधीक्षक डा.एचके पंकज आदि शामिल थे।  
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