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Mau News: गायब व्यक्ति की जमीन को लेकर है विवाद, अदालत के आदेश पर हुई कार्रवाई

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घोसी कोतवाली क्षेत्र के पीवाताल में जमीन के विवाद में एक व्यक्ति के गायब होने के मामले में 35 साल बाद कार्रवाई हुई है। गायब व्यक्ति के भतीजे ने पूर्व सीओ सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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पुलिस ने सीजेएम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की है। भतीजे ने बताया कि जिस चाचा को वह सालों पहले मृत मान चुके थे, उनका डाकघर में खुला खाता सक्रिय होने पर उसे शक हुआ। इस मामले में पुलिस से सुनवाई न होने पर उसने कोर्ट का सहारा लिया।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीवाताल निवासी दिवाकर सिंह ने बताया कि गांव के बंशीधर सिंह उनके घर पर ही रहते थे। कोई संतान न होने पर उन्होंने अपनी करीब दस बीघा जमीन मेरे पिता और माता के पक्ष में पावर ऑफ अटार्नी करने के साथ बैनामा कर दिया था।
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बताया कि गांव के बृजराज सिंह गोंडा में साल 1991 में आरआई के पद पर तैनात थे। बृजराज की नजर इस जमीन पर थी। आरोप लगाया कि बृजराज सिंह साल 1991 में उनके चाचा बंशीधर को अपने साथ जबरदस्ती गोंडा ले गए। वहां जमीन का बैनामा रद्द कराने के साथ अपने भाई-पुत्र के नाम पर वसीयत करा दी।
आरोप लगाया कि साल 1993 में कोर्ट में बंशीधर का मृत्यु प्रमाणपत्र भी दे दिया। इसमें स्थायी पता पीवाताल के बजाय गोंडा दिखाया गया था। बताया कि वह समझते थे कि बंशीधर की हत्या हो चुकी है, लेकिन इस बीच उन्हें पता चला कि चाचा बंशीधर के अमिला पोस्ट ऑफिस में साल 1988 में खुले खाते की 2015 में केवाईसी की गई है। 2015 से 2022 तक इस खाते से लेनदेन किया गया। इस खाते में मोबाइल नंबर दर्ज था। बताया कि इस मामले की जानकारी साल 2024 में होने के बाद उन्होंने आरटीई के तहत सूचना मांगी। इसके बाद पोस्ट ऑफिस के लिपिक ओमप्रकाश शर्मा पर इस मामले में कार्रवाई भी की गई।
उधर, इस मामले के बाद 10 अप्रैल 2025 और 17 अप्रैल 2025 को घोसी कोतवाली में शिकायत करने के बाद कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर पूर्व सीओ बृजराज सिंह, उनके बेटे ओमप्रकाश, सत्यप्रकाश, भतीजे सूर्यप्रकाश, चंद्रप्रकाश के खिलाफ घोसी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।


आरोप बेबुनियाद : पूर्व सीओ
आरोपी बृजराज ने बताया कि 35 वर्ष से दिवाकर और उनके परिवार में फर्जी वसीयत और बैनामे को लेकर विवाद चल रहा है। बंशीधर मेरे चाचा थे। उन्हें दवा खिलाकर सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया गया था। इस संबंध में ट्रायल कोर्ट, जिला कोर्ट और हाई कोर्ट से मेरे पक्ष में फैसला आ चुका है। इसी कारण सुलह के लिए यह आरोप लगाया जा रहा है। बंशीधर की मृत्यु साल 1993 में हुई है, लेकिन आज 2026 में आरोप लगाया जा रहा है। पोस्ट ऑफिस के खाते के संबंध में कहा कि 1 मार्च 1973 में हमारे पिता के नाम पर पैसा जमाकर खाता खोलवाया गया था। यह रिकॉर्ड 1991 से कोर्ट में जमा है।
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