पुलिस लाइन में महिला एच्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य।संवाद
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मऊ। आपसी मतभेद भुला कर आठ दंपती फिर से घर-गृहस्थी के लिए एक हो गए। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों ने उनकी बातें सुनकर उन्हें समझाया। बैठक में 36 मामलों में से 16 का निपटारा किया गया। बैठक में आठ दंपती ने साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। जबकि एक मामले में कोई समझौता न होने पर सदस्यों ने इसमें एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया। एक मामला आया जिसमें पीड़िता ने बताया कि उसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज में कार की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे है। हालांकि ससुराल पक्ष से मौजूद विवाहिता की सास ने दहेज मांगने की बात स्वीकार भी की। बैठक में 36 मामले में आए, इसमें 16 मामलों का निपटारा कर दिया गया। सात फाइलें दोनों पक्षकारों की उदासीनता के चलते बंद कर दी गई। बैठक में सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, मौलवी अरशद, आत्मा सिंह, प्रीति दूबे, पुष्पा गुप्ता और सोनी सिंह मौजूद रहे।