मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक हुई। इसमें जनपद के औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में निवेश प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद, एक उत्पाद जैसी योजनाओं की समीक्षा हुई।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी, लोहार, बढ़ई समेत विभिन्न ट्रेडों के लाभार्थियों के प्रशिक्षण पर भी विचार किया गया। एक जिला, एक व्यंजन योजना, कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की स्थिति भी जांची गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने उद्योग बंधुओं द्वारा उठाई गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मऊ का साड़ी उद्योग प्रदेश ही नहीं, देश में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इस उद्योग को और अधिक गति देने के लिए व्यापारियों और उद्यमियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। अधिकारियों को साड़ी उद्योग से जुड़े व्यापारियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य जनपद में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।