दिव्यांग जनों ने परिवहन निगम की बसों में चालकों एवं परिचालकों के न बैठाने और उचित व्यवहार न करने की भी शिकायत की। जिलाधिकारी ने इस संबंध में परिवहन निगम के एआरएम को पत्र लिखने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों से दुर्व्यवहार करने वाले चालकों और परिचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करने को कहा। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने शनिवार को दिव्यांग कल्याण सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बताया कि ट्रस्ट के माध्यम से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से लाभांवित करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने दिव्यांग जन अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं दिव्यांग अधिकार अधिकार अधिनियम 2016 पर समझ विकसित करने, सभी बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग जनों के लिए सेल्फ सेंटर की व्यवस्था करने, दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ने, दिव्यांग प्रमाण पत्र विकासखंड स्तर पर भी जारी किए जाने, ऐसे बच्चों को होम विजिट एवं घर पर शिक्षकों द्वारा पढ़ाने की सुविधा, सिटी मॉल में रैंप की सुविधा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने के स्थान पर दिव्यांग शौचालय, दिव्यांगों के बैठने की व्यवस्था एवं रैंप की व्यवस्था करने जैसे मांग पत्र भी जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने सभी दिव्यांग जनों को बताया कि ट्रस्ट एक फोरम के रूप में काम करेगा, जिसके माध्यम से दिव्यांगजन अपनी समस्याओं को जिला प्रशासन से अवगत करा सकेंगे। उन्होंने दिव्यांग कल्याण अधिकारी को सरकारी योजनाओं में महिला दिव्यांगों को प्राथमिकता से लाभ दिलाए जाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ट्रस्ट के प्रबंधक को उनके व्यापार व रोजगार के लिए प्रयास करने के भी निर्देश दिए। बैठक में दिव्यांग कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा, ट्रस्ट के प्रबंधक शूल्लू राम, अध्यक्ष अनीता चौहान, उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, कोषाध्यक्ष मतिउर्रहमान एवं सदस्य संतोष कुमार, अनीता यादव, सुचित्रा चौहान, दुर्गेश चौहान, नीतू चौहान एवं गीता देवी भी उपस्थित रही।