मऊ। शिक्षा सत्र शुरू होने के तीन माह बाद भी परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में वितरित होने वाली नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की शत प्रतिशत आपूर्ति अभी तक नहीं हो सकी हैं। हालत यह है कि शासन से 13 लाख के सापेक्ष लगभग 6.50 लाख की ही आपूर्ति हो सकी है। कोरोना संक्रमण के चलते परिषदीय विद्यालय बंद चल रहे हैं। विभाग की तरफ से बच्चों मेें नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण कार्य शुरू कर दिया गया है। उधर, अधिकारी देरी की वजह लॉकडाउन बता रहे। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.34 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना के चलते विद्यालय अप्रैल से ही बंद चल रहे है। ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। विद्यालय तो खुल गए हैं, केवल शिक्षक ही विद्यालय आ रहे हैं। विभाग की तरफ से शिक्षकों को बच्चों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण के लिए निर्देश दिया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत पाठ्य पुुस्तकों का वितरण तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता न होने से बच्चे बिन पुस्तकों के ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालयों मेें अध्ययनरत बच्चों में 13 लाख पाठ्यपुस्तकें नि:शुल्क वितरित की जानी है। जुलाई माह में दो दिन बीत गया, लेकिन अभी तक निदेशालय से 6.50 लाख पुस्तकों की ही आपूर्ति हो सकी है। अधिकारियों की मानें तो अप्रैल से जून माह तक लाकडाउन होने के चलते समस्या आई है। नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक बीबी पांडेय ने बताया कि नि:शुल्क पुस्तकों की खेप रोजाना आ रही है। लॉकडाउन के चलते समस्या उत्पन्न हुई है। शीघ्र ही सभी पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति हो जाएगी।