मऊ। गर्मी से जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों का ग्राफ बढ़ा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहली बार मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंच गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले हर दस मरीजों में छह मरीज बुखार, उल्टी, दस्त, डायरिया से पीड़ित मिले। वहीं इमरजेंसी में भी यह संख्या बढ़ रही है। जून में तापमान बीते पांच साल में पहली बार उच्चतम पर पहुंचा है। इससे ओपीडी का रिकाॅर्ड बीते दो दिनों से टूट रहा है, अब तक अधिकतम मरीजों की संख्या 950 थी, लेकिन बृहस्पतिवार को यह संख्या 1089 रही, जबकि बीते बुधवार को यह संख्या 1055 रही। गर्मी के चलते उल्टी-दस्त समेत अन्य बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। दिन-प्रतिदिन बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है।
जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इस समय गर्मी के चलते इन दिनों उल्टी-दस्त के रोगी बढ़े हैं। जिला अस्पताल ही नहीं बल्कि जिले के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल में डिहाइड्रेशन से लेकर उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया की परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। इमरजेंसी में अधिकतम मरीजों की संख्या 90 तक थी, लेकिन यह संख्या 120 से अधिक पहुंच जा रही है। इसमें 50 फीसदी मामले में डायरिया, दस्त, बुखार, सिर दर्द, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी के है। चिकित्सकों की मानें तो उच्च तापमान बढ़ जाने पर खाद्य पदार्थ जल्दी दूषित हो जाते हैं। वहीं, तेज धूप में निकलने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं।
बीमारियों से बचाव की दी सलाह
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनज्जय कुमार का कहना है कि गर्मी से रोगियों की संख्या बढ़ती है। मरीजों में 50 फीसदी उल्टी-दस्त के हैं। कहा कि गर्मी के साथ बीमारी से बचाव के लिए घर पर बने ओआरएस का प्रयोग करें। दूषित और बासी खान-पान से परहेज करें। दोपहर में 12 से तीन बजे तक जरूरी न हो तो घर न निकलें।