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Mau News: ओस की पड़ीं फुहारें, पिछले तीन साल में सबसे सर्द रही तीन जनवरी

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शनिवार को कड़ाके की ठंड के बीच नगर के मुंशीपुरा में अलाव का सहारा लेते लोग।संवाद
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ठंड ने इस साल तीन जनवरी को तीन साल को रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2023, 2024 और 2025 की तुलना में न्यूनतम तामपान क्रमशः पांच और तीन डिग्री तक कम दर्ज किया गया। शनिवार को भोर में ओस के फुहारे पड़े जिससे ठंड और बढ़ गई।
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नए साल के तीसरे दिन शनिवार को गलन भरी ठंड रही। बीते 72 घंटे में महज दस घंटे के लिए धूप निकली, लेकिन शनिवार को धूप एक पल के लिए नहीं निकली।
शुक्रवार को जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम पारा 10 डिग्री था। बृहस्पतिवार को तापमान अधिकतम 20 और न्यूनतम 8 डिग्री था। शनिवार की भोर में जिले का न्यूनतम तापमान सात डिग्री जबकि अधिकतम 18 तक था।
दोपहर में यह न्यूनतम 8 जबकि अधिकतम 19 डिग्री दर्ज किया गया। बीते वर्ष ठंड के आंकड़े को देखें तो तीन जनवरी 2024 को न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस और तीन जनवरी 2023 को 14.07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
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2025 में तीन जनवरी को 9 डिग्री दर्ज किया था। उधर, शनिवार को सुबह से ही ओसे के फुहारे पड़ने के चलते शहर के मिर्जाहादीपुरा से लेकर बाल निकेतन तिराहा, गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ तिराहा, सलाहाबाद मोड़, भीटी, बलिया मोड़, ब्रह्मस्थान सहित अनेक स्थानों पर अलाव जलते दिखे। यहां बाजारों में चहल पहल अन्य दिनों के तुलना में 40 फीसदी तक कम दिखी।


फसलों के अनुकूल हुआ मौसम
मौसम को लेकर किसानों का कहना हैं कि गेहूं और दलहन की फसलों की बोआई के बाद पारा में कमी नहीं होने से फसल प्रभावित हो रही थी। नवंबर माह में अधिकतम पारा 25 डिग्री से अधिक बना रहा। ठंड के इस सत्र में न तो कोहरे की दस्तक हुई और न ही पारे में गिरावट आई। दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह से ठंड शुरू हुई, अब मौसम के बदलने से फसल के पैदावार की उम्मीद जगी है।
विज्ञान केंद्र पिल्खी के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रभारी कृषि डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ठंड के इस सत्र में पहली बार मौसम किसानों किसानों के अनुकूल हुआ है। है। पारा में कमी होने होने से फसल की बढ़वार होगी। ऐसा मौसम एक सप्ताह तक रहने पर आलू की फसल को प्रभावित कर सकता है, ऐसे में किसान एक लीटर पानी में दो एमएल मैंकोजेब का घोल बनाकर छिड़काव कर सकते है। 15 लीटर की टंकी में एक मंडा आलू के खेत का छिड़काव हो सकता है।
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