क्षेत्र के धार्मिक स्थल देवलास स्थित पौराणिक स्थल सूर्य मंदिर पर लगे मेले में शुक्रवार को दूरदराज सहित गैर जनपदों से श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। साथ मंगलमय जीवन की मामना की। मेले में जमकर खरीददारी की।
देवलास स्थित सूर्य मंदिर स्थल पर 16 देवताओं मूर्तियां स्थापित हैं। प्राचीन तथा पौराणिक स्थल पर सूर्य मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, शंकर मंदिर, संतगणिनाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, संत रविदास का मंदिर सुघर दास मठ सहित 16 मंदिरों की स्थापना करायी गई है। भगवान राम मुनि विश्वामित्र के साथ ताड़का वध के लिए बक्सर जाते समय यहीं सूर्य की उपासना की थी और रात्रि विश्राम किया था।
मान्यता है कि यहां के सरोवर मेें स्नान कर लेने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। गंगा जल के तरह सरोवर के जल को लोग अपने घरों में रखते हैं। साथ ही यहां पूजन अर्चन करने पर सभी मनोकामना पूरी होती है। इसी मान्यता के तहत छठ पर्व के बाद एक हफ्ते तक मेला लगता है।
मेेले में आए श्रद्धालु विधि विधान से पूजन अर्चन करते हैं। साथ ही पौराणिक स्थल स्थित पवित्र पोखरे के जल को सहेज कर ले जाते हैं। मेले में झूला, सर्कस, मौत का कुंआ, जादूगर आदि का लोगों ने खूब आनंद उठाया।
सबसे ज्यादा महिलाओं की भीड़ मीना बाजार में रही। लकड़ी के सामान व ऊनी वस्त्रों के स्टाल पर भी काफी भीड़ रही। प्रशासन ने मेले के लिए खास इंतजाम नहीं किए थे, जिसके चलते श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ा। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।