मऊ। जनपद के नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम सोमवार को जिले में आगमन के मद्देनजर विभागीय अधिकारी अलर्ट रहे। गेहूं के क्रय केंद्र प्रभारी खामियों को सुधारने में लगे रहे। अवकाश के दिनों में क्रय केंद्र प्रभारी आधा अधूरे कार्य को पूरा करने में जुटे रहे। गेहूं खरीद शुरू होने के 45 दिन बाद भी 11094 एमटी खरीद हो पाई है। आए दिन गेहूं खरीद में भेदभाव को लेकर हंगामा कर रहे हैं। संबंधित विभाग की तरफ से किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
जनपद के नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम सोमवार को जनपद के दौरे पर आएंगे। नोडल अधिकारी गेेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने सहित विभागीय कार्यों की समीक्षा करेंगे। नोडल अधिकारी के आगमन के मद्देनजर अधिकारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए रणनीति बनाने में लगे रहे। किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 48 क्रय केंद्र खोले हैं।
गेहूूं खरीदने की जिम्मेदारी खाद्य विभाग, पीसीएफ, एफसीआई तथा मंडी समिति को को दी गई है। शासन के फरमान पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद चल रही है। लेकिन क्रय एजेंसियों के उदासीन रवैए से गेहूं खरीद प्रक्रिया जैसे तैैसे चल रही है। हालत यह है कि गेहूं खरीद होने के 45 दिन बाद भी 2550 किसानों से 11094 एमटी ही खरीद हो सकी है। गत शनिवार को रतनपुरा में किसानों ने गेहूं खरीद मेें भेदभाव को लेकर हंगामा किया था। इस बाबत एआर विवेक कौशल का कहना था कि क्रय केंद्रों पर मानक के अनुरूप खरीद चल रही है। सभी क्रय केंद्रों पर बोरों का स्टाक है।