सोमवार को नगर के तीन प्राइवेट अस्पतालों में तीन नए डेंगू के मरीज मिले। इसी के साथ जिले में डेंगू के चार वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 100 पहुंच गई। जबकि बीते वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या 32 थी। तापमान में कमी होने के चलते डेंगू का प्रकोप कम होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। चौकाने वाली बात है कि डेंगू मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने के बजाय निजी अस्पतालों में इलाज कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। 100 मरीजों में से महज 17 मरीजों ने ही सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया है।
जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि सोमवार को तीन नए डेंगू के मरीज मिले हैं। यह नगर के दो निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इन मरीजों की पहचान एलाइजा जांच के बाद हुई। बीते वर्ष 32 तो 2021 से 2020 तक डेंगू के मरीजों की संख्या शून्य थी। स्वास्थ्य विभाग के आकंड़ों के मुताबिक सोमवार तक करीब 600 सरकारी तथा 5500 निजी अस्पतालों में मरीजों की जांच किट से की गई है। इसमें एलाइजा जांच में 100 मरीजों की पुष्टी हुई है। इसमें वर्तमान में छह मरीजों का उपचार किया जा रहा है, इसमें तीन नए मरीज शामिल हैं। बताते चलें कि डेंगू होने पर मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं। यह हम नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बयां कर रहे हैं। अब तक मिले 100 मरीजों में 17 मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया है। जिसमें दस जिला अस्पताल तो सात ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया है। वहीं 83 मरीजों ने निजी अस्पताल में उपचार कराने को प्राथमिकता दी है। जबकि जिला अस्पताल में दस बेड का डेंगू वार्ड तो सभी दसों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह-छह बेड संरक्षित किए गए हैं। यानी 70 बेड के डेंगू वार्ड में केवल 17 मरीजों ने भर्ती होकर अपना उपचार कराया है।