मऊ। जिले के रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय पर शनिवार को किसानों के समर्थन में अखिल भारतीय किसान महासभा के तत्वाधान में वामपंथी दलों के सदस्यों की तरफ से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन के लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ उद्योगपति गौतम अडानी, मुकेश अंबानी का पुतला दहन कर विरोध जताया। किसान महासभा ने केंद्र सरकार की कृषि संशोधित कानून को किसान विरोधी और दमनकारी बताया। विरोध प्रदर्शन में किसान सभा के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा, माकपा, भाकपा (माले) के कार्यकर्ता शामिल रहे।
लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नेताओं ने कहा कि आज केंद्र सरकार की दमनात्मक नीति के विरोध में देश के लाखों किसान दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाले है। इसके पीछे सिर्फ लाभ हानि नहीं, बल्कि देश की अस्मिता का भी सवाल है, क्योंकि खेती किसानी भारत देश की पहचान है। ऐसे में अपना वजूद बचाने के लिए किसान भीषण सर्दी, फैले कोरोना संक्रमण के बीच धरना देने के लिए दिल्ली को कूच किए। सरकार उनसे बात करने की बजाय उन पर आंसू गैस के गोले छोड़ रही तो कभी कड़ाके की ठंड में पानी का बौछार मार रही। इस पर किसान नहीं पीछे हटा तो लाठीचार्ज और गिरफ्तारी जैसे कुकृत्य करने पर सरकार उतर गई।
दूसरी तरफ कॉरपोरेट घरानों को गोद में खिलाने के साथ खुद उनके गोद में सरकार खेल रही। बोले यदि सरकार नौजवानों के बेरोजगार के दर्द और किसानों की अस्मिता पर ध्यान न देकर कारपोरेट पूंजीपतियों को मालामाल बनाते रहे तो उनके दिन लदने वाले है। क्योंकि संगठन अब संघर्ष तेज करेगा, इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। धरना-प्रदर्शन में शेख हिसामुद्दीन शेर मोहम्मद, कल्पना, वीरेंद्र कुमार, बसंत, फतेह बहादुर यादव, छागूर चौहान, वीरेंद्र राजभर परशुराम, महेंद्र राजभर, राम पदारथ चौहान आदि लोग शामिल रहे ।