संवाद न्यूज एजेंसी मुहम्मदाबाद गोहना। आजमगढ़ से वाराणसी सिटी के बीच चलने वाली एकमात्र ईएमयू पैसेंजर ट्रेन में कोचों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस ट्रेन में मात्र आठ बोगी होने के कारण मुहम्मदाबाद गोहना स्टेशन से ही यह पूरी तरह भर जाती है।
इसके चलते मऊ जंक्शन सहित आगे के अन्य स्टेशनों पर चढ़ने वाले यात्रियों को सीट मिलना तो दूर, ठीक से खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाती।इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य शाह आलम कुरैशी ने डीआरएम वाराणसी और महाप्रबंधक गोरखपुर को आधिकारिक पत्र लिखकर तीन मांगें उठाई हैं। बताया कि वाराणसी के रास्ते में पड़ने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकने वाली इस पैसेंजर ट्रेन में रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है।
इस अव्यवस्था के चलते सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और स्वास्थ्य लाभ के लिए वाराणसी जाने वाले बीमार मरीजों को उठानी पड़ रही है। आजमगढ़ और मऊ क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग धार्मिक नगरी वाराणसी में दर्शन-पूजन के साथ-साथ बेहतर इलाज के लिए आवागमन करते हैं, लेकिन ट्रेन में क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें घंटों खड़े रहकर सफर करना पड़ता है।
ये हैं मांगें
ईएमयू में बोगियों की संख्या वृद्धि: आजमगढ़-वाराणसी सिटी ईएमयू पैसेंजर ट्रेन की बोगियों को 8 से बढ़ाकर तत्काल 18 किया जाए।
दिन के वक्त मिड-डे पैसेंजर ट्रेन का संचालन: सुबह 7:30 बजे के बाद मऊ-शाहगंज और शाहगंज-बलिया रूट पर दिनभर में एक भी पैसेंजर ट्रेन उपलब्ध नहीं है, जबकि यह मार्ग तीन प्रमुख जिला मुख्यालयों को आपस में जोड़ता है। इसलिए इस रूट पर दिन के समय एक जोड़ी नई मिड-डे पैसेंजर ट्रेन चलाई जाए।
बांद्रा स्पेशल ट्रेन का नियमितीकरण: आजमगढ़ से मऊ के रास्ते वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, कोटा, वडोदरा और सूरत होते हुए मुंबई के बांद्रा तक जाने वाली विशेष ट्रेन में हमेशा अत्यधिक भीड़ रहती है। इसे नियमित करते हुए इसके फेरे बढ़ाए जाएं।