नगर क्षेत्र के सोनी धापा इंटर कालेज में सजी पटाखे की दुकान से खरीदारी करते लोग।
धन व ऐश्वर्य को पूरा करने वाले दीपावली पर्व की पूर्व संध्या पर शनिवार को नगर सहित जिले के विभिन्न बाजारों में गहमागहमी रही। गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियों सहित धान की लाई माला-फूल की खरीदारी की और घर को रच कर सजाने का कार्य पूरा किया। चीन निर्मित सामन के बहिष्कार का असर दिखा दीयों की खरीदारी ज्यादा हुई। इसका परिणाम है कि इस दीपावली में शहर, गांव व बाजार रंग बिरंगे बल्व के साथ-साथ मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगाएगा।
नगर सहित प्रमुख बाजारों में धनतेरस के दूसरे दिन भी बाजारों में रौनक देखने को मिली। इसी के साथ व्यापारियों, दूकानदारों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों के आगे टेंट लगाकर अपने सामान रखकर लोगों को अपने ओर आकर्षित करने में लगे रहे। बाजारों में लोग कपड़े, बर्तन, सोने, चांदी के आभूषण जमकर खरीददारी की।
दूसरी ओर लोगों द्वारा पटाखे डेकोरेशन की लाइटों की खरीदारी हुई। चीन के सामान की खरीदारी कम हुई। अब लोग इंडियन रंगीन बल्व, सीएफएल, जीरो वाट बल्व आदि खरीदा । सहादतपुरा स्थित दीयों की दूकान लगाने वाले कृष्णा ने बताया कि गत वर्ष के मुकाबले दीयों की बिक्री बढ़ी है। छोटा दीया 50 से 60 रुपया प्रति सैकड़ा और बड़ा 0 रुपये प्रति दीया बिक रहा है। अली बिल्डिंग स्थित इलेक्ट्रिक दूकनदार राधेश्याम का कहना है, कि चीन के सजावटी सामान बाहर से नहीं आये ।