घोसी। किसान सभा की जिला काउंसिल की बैठक घोसी के बड़ागांव स्थित रविवार को आवास पर हुई। इसमें किसानों की समस्याओं को लेकर होने वाले आंदोलनों को सफल बनाने पर रणनीति तय की गई। गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने का निर्णय लिया गया।
किसान सभा के प्रदेश मंत्री रामकुमार भारती ने कहा कि किसान महंगाई, महंगे डीजल-खाद-बीज और बिजली के बोझ से परेशान हैं। सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जब किसान की बात आती है तो चुप्पी साध लेती है।
पीएन सिंह ने कहा कि जब तक किसानों की फसल का लाभकारी मूल्य और कृषि से जुड़ी मूलभूत समस्याओं का जब तक हल नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता शेख हिसामुद्दीन ने कहा कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की रीढ़ हैं। यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो समाज की बुनियाद कमजोर होगी। आरोप लगाया कि सरकार किसानों को हाशिए पर धकेल रही है।
किसान सभा किसानों की ताकत है और इसी ताकत से हम अपने हक की लड़ाई जीतेंगे। वरिष्ठ नेता उदय नारायण राय ने कहा कि संगठन की मजबूती ही हमारी असली पूंजी है। जब किसान एकजुट होंगे तभी सरकार को उनकी आवाज सुननी पड़ेगी। अब किसान चुप बैठने वाले नहीं हैं। कलेक्ट्रेट पर होने वाले एक सितंबर को कलेक्ट्रेट पर विशाल धरना इसका प्रमाण होगा। बैठक में आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। किसानों की भूमि, सिंचाई, बिजली, खाद, बीज और कर्जमाफी जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से तय हुआ कि किसान सभा अपने अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी।
इस अवसर पर मदनलाल श्रीवास्तव, अनीस अहमद, टेलहू राम, इकराम प्रधान, अखिलेंद्र प्रताप यादव, मनोज कुमार, जयराम यादव, जावेद आलम, घनश्याम यादव, अब्दुल कलाम, इसरार खान, सुभाष चक्र देवा आदि शामिल थे।