जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। उन्होंने जनपदवासियों से वज्रपात से बचाव के लिए दामिनी ऐप को डाउनलोड करने की अपील की। दामिनी ऐप के माध्यम से 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान मिल जाता है जिससे लोगों को सचेत कर जन एवं पशु हानि से बचा जा सकता है। इस दौरान जनपद में वर्तमान में बाढ़ की स्थिति की जानकारी और बाढ़ से बचाव के लिए की गई तैयारियों की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ से जुड़े समस्त विभागों को सितंबर तक अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिया।
उन्होंने सरयू नदी के जल स्तर के साथ ही राप्ती नदी के जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर भी लगातार सतर्क नजर रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कटान एवं डूब क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, जिससे बाढ़ के दौरान नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित गांवों के विस्थापित लोगों और पशुओं का आकलन पूर्व में करते हुए शरण स्थलों एवं ऊंचे स्थलों पर पूर्व में ही सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा बड़ी एवं मध्यम नावों की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। वहीं बाढ़ चौकिया की स्थिति की चर्चा के दौरान उन्होंने समस्त न्यूनतम भौतिक व्यवस्थाओं के साथ ही आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग,आवश्यक दवाएं तथा आपदा के दौरान मृत्यु के मामलों में पोस्टमार्टम तत्काल करने के भी निर्देश दिए, जिससे आपदा पीड़ित को तत्काल राहत अनुदान उपलब्ध कराया जा सके। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेश सिंह अत्री सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।