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कटान परियोजना में कटर स्टोन ठोकर अधूरा मिलने पर डीएम भड़के:

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दोहरीघाट में बाढ़ का निरीक्षण करते जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल। - फोटो : MAU
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जिलाधिकारी अमित सिह बंसल ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित रहे क्षेत्रों का दौरा करते हुए कटान परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान मुक्तिधाम के गौरीशंकर घाट पर कटान परियोजना के तहत कटर स्टोन ठोकर का कार्य अधूरा मिलने पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने श्मशान घाटपर खिसक रहे बोल्डर के गैप को भरने का निर्देश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को दिया। साथ ही रामजानकी घाट पर पिचिंग मरम्मत कराने का निर्देश दिया है।
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बरसात शुरू हो गई है, लेकिन कटान परियोजना का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जिलाधिकारी ने मुक्तिधाम गौरीशंकर घाट पर निरीक्षण किया। यहां 8.33 करोड़ की लागत से नदी की धारा मोड़ने के लिये तैयार हो रहे कटर स्टोन ठोकर का निरीक्षण का निरीक्षण किया। परियोजना के तहत कार्य अधूरा मिलने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था तथा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई। कटर स्टोन परियोजना के तहत 21 कटर स्टोन ठोकर बनने थे लेकिन सिर्फ चार ठोकर भी नही बन सके हैं। वहीं जिलाधिकारी ने मुक्तिधाम श्मशान घाट पर खिसक रहे बोल्डर गैप भरने का निर्देश दिया। रामजानकी घाट पर पिचिंग बोल्डर नदी की धारा में बह गए थे। उसकी मरम्मत करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने रामजानकी घाट से मोटरबोट से रामघाट से लेकर रसूलपुर तक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। कमी मिलने पर सिंचाई विभाग तथा बाढ़ खंड को आवश्यक निर्देश दिया। वहीं नवली बंधे पर पहुंच कर नदी के रौद्र रूप को भी देखा। नदी में फोरलेन के बन रहे पुल का निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था को जल्द पुल का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सीआरओ हंसराज, उपजिलाधिकारी डॉ. सीएल सोनकर, अधिशासी अभियंता विरेंद्र पासवान, सहायक अभियंता मखरू राम, जेई जेपी यादव आदि शामिल रहे।
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पांच सेंटीमीटर घटा घाघरा का जलस्तर
दोहरीघाट। घाघरा के जलस्तर में 24 घंटे में पांच सेमी का घटाव दर्ज किया गया है। नदी का जलस्तर घटने के बाद भी खतरा अभी टला नही है। गौरीशंकर घाट पर बुधवार को नदी का जलस्तर 69.65 मीटर रहा। बृहस्पतिवार को जलस्तर 69.60 मीटर रहा। जबकि नदी का खतरा निशान 69.90 मीटर है। हालांकि तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत है।
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