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Mau News: जिला अस्पताल के चिकित्सक के पर्चेे पर ही होगा सीटी स्कैन, एक दिन में 40 की होगी जांच

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जिला अस्पताल स्थित सीटी स्कैन सेंटर। संवाद
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जिला अस्पताल में अब रोजाना सिर्फ 40 मरीजों का ही सीटी स्कैन कराया जाएगा। शासन से गाइडलाइन जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को सीएमओ डा. संजय गुप्ता ने सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है।
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सीटी स्कैन के दौरान निकलने वाले रेडिएशन से नुकसान और बिना कारण सीटी स्कैन कराने के मामले बढ़ने के बाद शासन ने यह आदेश जारी किया है। जिला अस्पताल के आंकड़ाें के अनुसार पहल यहां 80 से 100 सीटी स्कैन किया जाता था, अब यह आंकड़ा मात्र 40 तक होगा।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने वालों के जुगाड़ का अंत कर दिया गया है। अभी तक जिला अस्पताल में आने वाले मरीज दूर दराज क्षेत्र के मरीजों को हल्की चोट लगने, सिर में दर्द होने सहित अन्य कुछ बीमारी होने पर चिकित्सक सीटी स्कैन का परामर्श देते थे।
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ऐसे मरीज जिला अस्पताल आकर जांच कराते थे। जांच कराने में एजेंटो की भूमिका भी रहती थी। अब ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल आकर जिला अस्पताल के चिकित्सक की परामर्श पर ही सीटी स्कैन कराना होगा।

टडियांव अस्पताल में हो सीटी स्कैन की सुविधा तो मिलेगी राहत
जिला अस्पताल में पीपीपी माडल पर संचालित सीटी स्कैन सेंटर पर अब मात्र 40 मरीजों का सीटी स्कैन कराया जाएगा। जिले की करीब 26 लाख की आबादी के उपचार के लिए लिमिट तय होने के बाद किसी भी मरीज को कोई परेशानी न हो इसके लिए कोपागंज के टडियांव में सीटी स्कैन की सुविधा चालू करने से मरीजों को लाभ मिलेगा।

रेडिएशन से हड्डी कमजोर होने और कैंसर का खतरा
सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन से निकलने वाली विकिरण शरीर की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि शरीर अक्सर इसकी मरम्मत कर लेता है, लेकिन बहुत अधिक और बार-बार स्कैन कराने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कुछ स्कैन में उपयोग की जाने वाली कंट्रास्ट डाई से एलर्जी की प्रतिक्रिया (जैसे त्वचा लाल होना, खुजली) हो सकती है। बच्चों में ऊतक अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए उनमें विकिरण से कैंसर होने का जोखिम वयस्कों की तुलना में थोड़ा अधिक होता है। सीटी स्कैन से निकलने वाले रेडिएशन से गर्भधारण में परेशानी, गुर्दा रोग, जन्म लेने वाले बच्चों में परेशानी, कैंसर, हड्डी का कमजोर होेना सहित कई प्रकार कर परेशानी हो सकती है।

सामान्य दर्द होने के साथ कोई भी परेशानी होने पर किसी चिकित्सक के परामर्श पर जिला अस्पताल में आकर लोग सीटी स्कैन कराते थे। पहले यहां रोजाना करीब सौ सीटी स्कैन रोजाना होते थे। अब एक दिन मात्र 40 मरीजों का ही जिला अस्पताल के चिकित्सक के पर्चे पर सीटी स्कैन किया जाएगा। यह संख्या पर होने के बाद मरीज को वेटिंग नंबर दिया जाएगा, जिसका अगले दिन जांच कराया जाएगा।
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- डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
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