कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर जहां एक तरफ सरकार लोगों को सजग करने के साथ टीकाकरण पर जोर दे रही है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए लोग बेखौफ घूम रहे हैं। कोरोना को लेकर सरकारी अस्पतालों की तैयारियां भी अधूरी हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी के साथ ही अन्य सुविधाओं का अभाव है।
इन दिनों बाजारों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। जिले में सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का आलम है। चिकित्सकों की लेट लतीफी और अस्पताल से नदारद रहना मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बना है। वहीं कोरोना के तीसरे लहर की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई तेजी होती नहीं दिख रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 11 सौ से अधिक की ओपीडी है। लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों को परेशान कर रही है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए अभी भी आक्सीजन सिलेंडरों का ही प्रयोग हो रहा है। जिले के टड़ियांव, मुहम्मदाबाद गोहना, महिला अस्पताल और परदहां सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। लेकिन अभी तक परदहां में 20 शैय्या की क्षमता वाले प्लांट का कार्य पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारी की माने तो कोविड के तीसरी लहर की संभावना को लेकर तैयारियां की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन आदि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की कोविड जांच की जा रही है।
रेलवे और बस स्टेशन पर रहती है भीड़
रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। यह ही हाल जिले के प्रमुख बाजारों का भी है जहां काफी संख्या में लोग सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। काफी संख्या में लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। तीसरी लहर की संभावनाओं के बीच यह स्थिति खतरनाक साबित होगी।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद है। परदहां कोविड अस्पताल एल-टू में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही प्लांट शुरू कर दिया जाएगा।
- डा. श्याम नारायण दूबे, सीएमओ, मऊ।
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26 के सापेक्ष 16 चिकित्सक ही तैनात
जिला अस्पताल में 26 चिकित्सकों का पद सृजित है। लेकिन 16 चिकित्सकों की ही तैनाती है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। ईएनटी चिकित्सक के न होने से लोगों को परेशानी होती है। दो के सापेक्ष एक फिजीशियन, दंत और नेत्र रोग के एक-एक चिकित्सकों की तैनाती हैं। अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट के दो पदों के सापेक्ष एक रेडियोलाजिस्ट की तैनाती है। एक चर्म रोग विशेषज्ञ, दो आर्थोपैडिक चिकित्सक, दो जनरल सर्जन, दो एनेस्थेटिक की तैनाती है।