मधुबन। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से देवारा क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। देवारा के 25 गांवों के सिवान में बाढ़ का पानी जमा हो जाने के चलते निचले इलाकों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। नदी के उग्र तेवर से किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता खाए जा रही है। पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने के चलते पशुपालकों को जान जोखिम में डालकर चारा लाना पड़ रहा है। धर्मपुर गांव के नई बस्ती मेें कटान जारी रहने से गांव के 14 घरों के लगभग 50 लोगों ने दुबारी स्थित कॉलेज में बनाए गए आश्रय गृह में शरण लिए हुए है। कटान समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।
सरयू के मधुबन के देवारा में कहर बरपाने से देवारा क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर, बिंदटोलिया, नई बस्ती, दुबारी, मोलनापुर सहित लगभग तीन किलोमीटर के दायरे मेें लगभग 25 गांवों के सिवान में पानी घुस जाने के चलते निचले इलाकों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। क्षेत्र के शिवकुमार, रवि प्रसाद, मुन्ना शर्मा, रविंद्र यादव का कहना था कि कर्ज लेकर धान की फसल लगाया था। नदी का पानी घुस आने के चलते फसलों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। फसलें जलमग्न होने के चलते पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने के चलते जान जोखिम में डालकर चारा लाना पड़ रहा है। नई बस्ती में कटान जारी रहने से गांववासी दहशत में जी रहे हैं। गांव के बहादुर, कुसुम देवी, अभिमन्यु, घनश्याम, रामशब्द, नंदू, रामदुलारे, राम छबिला, रामचंदर, शंकर दयाल, कमला, राधेश्याम, मीना सहित 14 घरों के 50 लोग दुबारी स्थित जनता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में प्रशासन की तरफ से बनाए गए आश्रय गृह में शरण लिए है। नदी में कटान जारी रहने से घनश्याम, राधेश्याम और कुसुम देवी का मकान कटान की जद मेें आ गया है। कटान पीड़ित घरों में रखे सामानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने मेें दिन रात एक कर दिए हैं। गांव की उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। पीड़ितों का आरोप है कि प्रतिवर्ष नदी कहर बरपाती है, लेकिन अभी तक कटान समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।
देवरिया में मोहन सेतु का एप्रोच ढह जाने के चलते नदी का पानी नई बस्ती में आ जाने के चलते कटान हो रही है। गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।
मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता,सिंचाई विभाग