संपत्ति की लालच में तीन सगी बहनों में आपस में ही दुश्मनी हो गई। मां ने छोटी बेटी को जमीन क्या लिख दी, बड़ी दो बहनों ने 3 अप्रैल को उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कर जला दिया। आग से झुलसने के बाद छोटी बहन की इलाज के दौरान मौत होने पर पुलिस ने मरने वाली निर्मला के पति की तहरीर पर उसकी बहनों के विरुद्ध जलाकर मार डालने का मुकदमा दर्ज किया है।
थाना रानीपुर अंतर्गत चितविसाव निवासी स्व. करिया सिंह की तीन पुत्रियां अकेली मां की देख भाल करती चली आ रही थीं। इसमें बड़ी पुत्री कलावती देवी पत्नि उदय नरायन सिंह जिसकी ससुराल रूदरी थाना-रानी की सराय जनपद- आजमगढ़ और लीलावती देवी पत्नि विजय प्रताप सिंह की ससुराल मझगांवा थाना रानी की सराय आजमगढ़ व छोटी पुत्री निर्मला देवी पत्नि अशोक सिंह की ससुराल पवईकला थाना मेहनगर आजमगढ़ में है।
निर्मला देवी अपने मायके चितिवसाव में रहकर मां चंद्रावती देवी की देख-रेख करती थी। उससे खुश होकर चंद्रवती देवी ने 3.5 बीघे की जमीन निर्मला के नाम से लिख दी। लेकिन यह दोनों बड़ी बहनों का नागवार लगा।
तीन अप्रैल 2016 को दोनों बड़ी बहनों कलावती व लीलावती ने छोटी बहन निर्मला को जला दिया। उसके चीखने चिल्लाने पर ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। उसे जिला अस्पताल आजमगढ़ में भर्ती कराया।
इलाज के दौरान उसकी 9 अप्रैल 2016 को मौत हो गई। निर्मला के पति अशोक सिंह, उसका शव लेकर चितविसाव गांव होकर दस अप्रैल रविवार को थाना रानीपुर आए। उनकी तहरीर पर पुलिस ने बड़ी बहनों पर मुकदमा दर्ज किया। इस संबंध में थानाध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि मामले विवेचना की जा रही है।