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एके-47 से मारी गई थी गोली

Fri, 08 Apr 2016 12:12 AM IST
BEARU, AMAR UJALA, MAU
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बदमाशों के पास से पकड़ा गया सामान
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 चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के खरिहानी मोड़ तिराहे पर 22 मार्च को दिनदहाड़े बाइक एजेंसी संचालक विनोद सेठ की हत्या में शामिल बदमाशों में से पांच को पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार किया। हत्या के लिए मुखबिरी करने वाले आरोपी ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि विनोद सेठ की हत्या रंगदारी न देने पर धर्मेंद्र सिंह एवं उसके साथियों ने एके-47 से की थी।
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    उसने बताया कि घटना वाले दिन विनोद की दिनचर्या की मुखबिरी उसी ने की थी। घटना के बाद वह स्वयं भी मौके पर पहुंचा था। इस घटना में प्रयुक्त एक बाइक व एक तमंचा भी पुलिस ने बरामद किया है। हालांकि घटना के मुख्य अभियुक्त धर्मेंद्र सिंह सहित तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी शिवहरि मीणा ने पत्रकार वार्ता में दी।   
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 22 मार्च को विनोद सेठ की हत्या में शामिल बदमाशों की काफी दिनों से तलाश की जा रही थी। इसमें शामिल आरोपियों को  चिंहित भी किया जा चुका था लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे थे। बुधवार को चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के मनाजीत मोड़ के निकट पुलिस ने घटना में शामिल अरबाज पुत्र रियासत निवासी महंगूपुर करमी थाना चिरैयाकोट को घटना में प्रयुक्त बाइक एवं एक तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। वह कटघरा मऊ में रुके चार अन्य साथियों का सामान लेने के लिए बाजार आया था।
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  उसकी गिरफ्तारी मुखबिर कि सूचना पर बुधवार की रात को ही कर लिया गया था। अरबाज की निशानदेही पर कटघर कयाम स्थित एक पोल्ट्री फार्म से गांव के ही रामनयन यादव , नगीना यादव ,  निर्भय नरायन सिंह  निवासी बिंद मठिया थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़, राहुल सिंह  निवासी करहां थाना मुहम्मदाबाद गोहना को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक संरक्षणदाता भी है। बाकी चार मुख्य आरोपियों का सहयोग,  और मुखबिरी के अलावा अन्य अपराधों केआरोपी हैं।
      पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि विनोद सेठ से पांच लाख रूपए की रंगदारी 18 मई 2015 को मांगी गई थी।  विनोद सेठ ने रंगदारी देने से इंकार किया तो उसके शोरूम पर 28 जुलाई 2015 को दिन दहाड़े दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की गई थी। इसके बाद फिर विनोद सेठ  से रंगदारी मांगी गई और रकम गैंग के सरगना लालू यादव को गाजीपुर न्यायालय में पेशी के दौरान देने के लिए धर्मेंद्र सिंह ने कही थी।   रंगदारी नहीं देने पर 22 मार्च को खरिहानी मोड़ के निकट एके-47 से ताबड़तोड़ गोली मारकर विनोद की हत्या कर दी और फरार हो गए। अरबाज ने बताया कि घटना में एके-47  का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा ने भी हत्या में एके-47 के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया। लेकिन कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है। उसके बाद ही आगे पूरी बात स्पष्ट होगी। फरार अन्य अभियुक्तों को पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। 
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