बुधवार की शाम पुलिस कप्तान शिवहरि मीणा के नेतृत्व में दर्जनों पुलिस कर्मियों ने हाहा नाला के किनारे छापा मारा। छापे के दौरान दर्जनों भठ्ठियो को तोड़ा गया और सैकड़ों लीटर लहन नष्ट की गई। उधर अंधेरे का लाभ उठाते हुए शराब कारोबारी भाग गए।
मधुबन थाने का अधिकांश हिस्सा देवारा में बसता है। घाघरा का तटीय क्षेत्र होने के कारण मिलों दूर तक घासफूस और रेतीली भूमि है। काफी दुर्गम इलाके में कच्ची शराब का कारोबार फलता फूलता है। हाहा नाला स्थित शराब के अवैध अड्डों से शराब खुलेआम मर्यादपुर, लखनौर, मधुबन, दुबारी से लेकर क्षेत्र के कोने कोने तक पहुंचती है।
सैकड़ों अवैध भठ्ठियों के संचालन की शिकायत पर पुलिस कप्तान के नेतृत्व में पुलिस कर्मी बुधवार को तैयारी के साथ लौआसाथ गांव के किनारे हाहा नाला के पास पहुंचे और दर्जनों भट्टियां तोड़ी। सैकड़ों लीटर लहन नष्ट किया।
पुलिस के हाथ कुछ ड्राम और सौ लीटर से ज्यादा कच्ची शराब ही लगा है। क्षेत्रीय लोगों की माने तो पुलिस को भले ही एक भी शराब माफियाओं को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है लेकिन पुलिस की कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
कार्यवाई में पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा, कोतवाल सुरेश कुमार मिश्र के अलावा भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ महिला पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक मौके से तीन लोग फरार हुए हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 13 ड्रम और चार हजार लीटर लहन नष्ट किया गया है।
बता दें मधुबन थाने का अधिकांश हिस्सा देवारा में बसता है। घाघरा का तटीय क्षेत्र होने के कारण मिलों दूर तक घासफूस और रेतीली भूमि दिखाई देती है। काफी दुर्गम रास्ते जिसपर दिन में लोग जाने में हिचकते हैं, रात की बात दीगर है।
यही कारण है कि कोई उद्योग धंधा नहीं होने के कारण गरीबी चरम सीमा पर है।इ सी का लाभ सफेदपोश कचिया शराब माफिया भी उठाते है और भोले भाले युवकों, बच्चों को पैसे का लालच देकर इनसे घाघरा के किनारे तटीय क्षेत्र में सैकड़ो भठ्ठिया चलवाते हैं।