अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने 15 वर्षीय नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा उसके साथ दुराचार करने के मामले में नामजद तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए 12 -12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 31-31 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 50 हजार रूपया बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।
मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार वादी मुकदमा की 15 वर्षीय बहन कक्षा 10 वीं की छात्रा थी। वह घर से 30 दिसंबर 2014 को पढ़ने के लिए स्कूल गई वापस न आने पर वादी उसको ढूंढने स्कूल पहुंचा तो पता चला कि आरोपीगण उसे बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं। इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता के साथ दुराचार किया।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना रविंद्र यादव पुत्र जगधारी यादव, मिथिलेश यादव पुत्र गोपाल यादव तथा प्रसेनजीत यादव पुत्र घूरा यादव के विरुद्ध आरोप में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी विमल कुमार श्रीवास्तव ने पीड़िता सहित कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपीगण रविंदर यादव, मिथिलेश यादव और प्रसनजीत यादव को दोषी पाते हुए पॉक्सो एक्ट में 12-12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ ही 31-31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।