थाना क्षेत्र के दरगाह बाजार स्थित स्कूल के पीछे कुएं से बुधवार को फेंकी गई अष्टधातु की दो मूर्तियों के साथ कुछ कीमती पत्थर मिलने पर क्षेत्र के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। बाद में सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों ने बरामद मूर्तियों के साथ अन्य सामान सौंप दिया। ग्रामीणों की मानें तो यह मूर्ति बगल के गांव रामपुर माफ़ी में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने राम जानकी मंदिर की है।जो सोमवार को मंदिर से चोरी हो गई थी।
थाना क्षेत्र के दरगाह में प्राथमिक विद्यालय के पास बुधवार की सुबह गांव के कुछ बच्चे उधर खेल रहे थे। अचानक उनकी नजर बगल में स्थित कुएं में गई, तो उन्होंने कुएं में एक बोरे को तैरते देख गांव वालों को सूचना दी। पहले तो लोग किसी दूसरी आशंका से भयभीत हुए। लेकिन ग्राम प्रधान प्रशांत गुप्ता के नेतृत्व में कुछ लोगों ने मिलकर उक्त बोरे को निकाला। इस दौरान बोरे से दो मूर्तियां नरसिंह भगवान, विष्णु भगवान की बरामद हुई। इसके अलावा बटुला, गगरा आदि सामान भी था। जिसे देखकर लोग दंग रह गए। लोगों को लगा कि उक्त मूर्ति व बोरी में मिला सामान चोरी का हो सकता है।फिर लोगों ने पुलिस को सूचना देकर उन्हें सौंप दिया।इस खबर को फैलते देर नहीं लगी। सूचना मिलने पर रामपुर माफ़ी के बलवंत सिंह सहित अन्य लोग थाने पहुंचकर बरामद मूर्तियों की पहचान किए। फ़िलहाल दोनों अष्टधातु मूर्तियों का दाम बाजार मे करोड़ों रूपये आंका जा रहा है। अति प्राचीन मंदिर में स्थित इन मूर्तियों का वजन आधा किलो से अधिक बताया जा रहा है। मूर्तियों पर अद्भुत कलाकारी की गई है। पुलिस बलवंत सिंह की तहरीर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किसने मंदिर से मूर्तियां चोरी की और उसे कहीं ले जाने या बाजार में बेचने की बजाय मंदिर से पांच सौ मीटर दूर कुए में फेंक दिया। अब तो जांच के बाद पता चलेगा कि मूर्तियां अष्टधातु की है या साधारण है।